लखनऊ। प्रतापगढ़ के कुंडा में सीओ जिया उल हक की हत्या के मामले में सीबीआई की जांच रिपोर्ट पर जिया उल हक की पत्‍‌नी परवीन आजाद ने आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने एक याचिका के माध्यम से इस जांच रिपोर्ट को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जांच रिपोर्ट पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह को क्लीन चित दे दी गई है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रतापगढ़ में कुंडा के सीओ जियाउल हक हत्याकांड मामले की जांच दोबारा एसआइटी (विशेष अनुसंधान शाखा) से कराने मांग वाली याचिका पर सीबीआइ, केंद्र सरकार व अन्य से चार हफ्ते में जवाब तलब किया है। मामले में पहले सीबीआइ जांच कर चुकी है। सीबीआइ की जांच को याचिका दायर कर इसकी रिपोर्ट चुनौती दी गई है।

यह आदेश न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला व न्यायमूर्ति एआर मसूदी की खंड पीठ ने सीओ की पत्नी परवीन आजाद की ओर से अधिवक्ता खलीफ अहमद की दायर याचिका पर दिए हैं। प्रतापगढ़ में सीओ जियाउल हक की हत्या के मामले में सपा के बाहुबली नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया सहित गुलशन यादव, रोहित सिंह, गुड्डू सिंह एवं हरिओम श्रीवास्तव को दर्ज एफआइआर में नामजद किया गया था। जिसमें सीबीआइ ने जांच कर अंतिम रिपोर्ट सीबीआइ की विशेष अदालत में प्रस्तुत की थी। सीबीआइ की जांच रिपोर्ट के आधार पर सीबीआइ अदालत ने राजा भइया सहित सभी नामजद अभियुक्तों को क्लीनचिट देते हुए मामले से बरी कर दिया था। परवीन आजाद ने सीबीआइ की अदालत में जांच रिपोर्ट को चुनौती दी थी। अदालत ने इस मामले को अगली सुनवाई के लिए अगस्त के प्रथम सप्ताह में करने को कहा है।

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