नई दिल्ली, एएनआइ। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन और उसके साथियों के खिलाफ 4 नए मामले दर्ज किए हैं। राजन और उसके साथियों पर हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन वसूली और आपराधिक साजिश के तहत दर्ज किए गए हैं। इन चारो केस को महाराष्ट्र पुलिस देख रही थी, उन्हें सीबीआइ के ट्रांसफर किया गया है। ये सभी मामले 1995 से 1998 के बीच के हैं। ये मामले 1995, 1996, 1997 और 1998 में अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज किए गए थे।

छोटा राजन 25 अक्टूबर 2015 को इंडोनेशिया में गिरफ्तार हुआ था। राजन फिलहाल में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। पिछले दिनों यह खबर सामने आई थी कि डी-कंपनी के सदस्य और दाउद के सहयोगी छोटा शकील ने अपने प्रतिद्वंद्वी छोटा राजन की हत्या की नई साजिश रच रहा है। इसके बाद राजन की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। धमकी के बाद राजन के तीन कुक बदल दिए गए। डी-कंपनी से खतरे के कारण अंडरवर्ल्ड डॉन को वार्ड परिसर के बाहर जाने की मनाही है।

सितंबर-अक्टूबर 2019 में भी दर्ज हुआ था केस

सीबीआइ ने अक्टूबर 2019 में राजन के खिलाफ पांच नए मामले अपने हाथों में लिए थे। सितंबर 2019 में, सीबीआइ ने राजन, भारत नेपाली और उसके करीबी सहयोगियों के खिलाफ हत्या, जबरन वसूली, अपहरण और दूसरों के बीच अवैध हथियार रखने के आरोपों के तहत 12 नए मामले दर्ज किए थे। ये मामले उन 71 मामलों का हिस्सा हैं, जिन्हें मुंबई पुलिस से सीबीआइ में स्थानांतरित किया गया था।

बीआर शेट्टी की हत्या के प्रयास में छोटा राजन को आठ साल कैद की सजा

अगस्त 2019 में, मुंबई की एक अदालत ने 2012 में होटल व्यवसायी बीआर शेट्टी की हत्या के प्रयास के लिए गैंगस्टर छोटा राजन और पांच अन्य को आठ साल कैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने छह लोगों पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था, जिन्हें मामले में दोषी ठहराया गया थे। इनके खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका), भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 307 (हत्या के प्रयास), 120बी (आपराधिक साजिश) और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत केस दर्ज किए गए। 

छोटा राजन की गिरफ्तारी

गैंगस्टर को बाली, इंडोनेशिया में गिरफ्तार करने के बाद नवंबर 2015 में भारत में प्रत्यर्पित किया गया था। इस दौरान भारतीय अधिकारियों ने छोटा राजन को वापस लाने के लिए इंटरपोल से संपर्क किया था। कथित तौर पर, राजन को ऑस्ट्रेलियाई पुलिस की एक सूचना के बाद गिरफ्तार किया गया था। अंडरवर्ल्ड डॉन ने मोहन कुमार के नाम से भारतीय पासपोर्ट पर बाली की यात्रा की थी। 

Posted By: Tanisk

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