500 करोड़ का डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट, रिश्वत और सीक्रेट लीक... CBI की कार्रवाई में MIL के कार्यकारी निदेशक समेत 3 गिरफ्तार
सीबीआई ने रक्षा क्षेत्र की गोपनीय जानकारी साझा करने और रिश्वत लेने के आरोप में म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) के ...और पढ़ें
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रक्षा जानकारी लीक में सीबीआई ने तीन को दबोचा
HighLights
रक्षा जानकारी लीक में सीबीआई ने तीन को दबोचा
एमआईएल निदेशक अनिल कुमार रिश्वत मामले में गिरफ्तार
500 करोड़ के गोला-बारूद ठेके से जुड़ा मामला
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सीबीआई ने रक्षा क्षेत्र से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करने और रिश्वत लेने के आरोप में सरकारी कंपनी म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार तथा गोला-बारूद निर्माता कंपनी एसएमपीपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कंसल को गिरफ्तार किया है। मामले में अनिल कुमार के भाई बी. हर्षवर्धन को भी गिरफ्तार किया गया है।
सीबीआई के अनुसार, मामला एसएमपीपी को गोला-बारूद की आपूर्ति के लिए दिए गए 500 करोड़ रुपये के ठेके से जुड़ा है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि पुणे स्थित एमआइएल में तैनात अनिल कुमार ने प्राइवेट ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के साथ मिलीभगत कर सरकारी लाभ पहुंचाने तथा रक्षा उत्पादन, खरीद और रणनीतिक गतिविधियों से संबंधित संवेदनशील जानकारी साझा करने के बदले रिश्वत मांगी और स्वीकार की।
सीबीआई ने सोमवार को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। एजेंसी का दावा है कि गोपनीय जानकारी साझा करने से देश के रणनीतिक हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता था। सीबीआइ के प्रवक्ता के अनुसार, पुणे में अनिल कुमार के परिसर की तलाशी के दौरान 1.73 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए।
इसके अलावा मैसूर, बेंगलुरु और दिल्ली में की गई तलाशी के दौरान करीब 50 लाख रुपये नकद और संवेदनशील दस्तावेज मिले। एजेंसी ने आरोप लगाया कि आशीष कंसल और अनिल कुमार के बीच ठेके को लेकर नियमित संपर्क था।
एसएमपीपी के कर्मचारी रवित कुमार तेवतिया भी कथित तौर पर अनिल कुमार के संपर्क में थे। सीबीआइ के अनुसार, कथित अवैध रकम का बड़ा हिस्सा अनिल कुमार की पत्नी और भाई के माध्यम से छिपाया गया था। इस मामले में एसएमपीपी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
