PNB घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई, भगोड़े नीरव मोदी के सहयोगी संदीप मिस्त्री को UAE से प्रत्यर्पण कर भारत लाई CBI
सीबीआई ने पीएनबी घोटाले में भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के सहयोगी संदीप मिस्त्री को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पण के बाद गिरफ्तार किया है।

भगोड़े नीरव मोदी के खिलाफ CBI का एक्शन (फाइल फोटो)
HighLights
सीबीआई ने संदीप मिस्त्री को यूएई से प्रत्यर्पण के बाद गिरफ्तार किया।
मिस्त्री, नीरव मोदी की हांगकांग स्थित कंपनी का निदेशक था।
मिस्त्री को 6 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने करोड़ों डॉलर के पीएनबी घोटाले के सिलसिले में भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के सहयोगी संदीप मिस्त्री को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पण के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
संदीप मिस्त्री को सोमवार को प्रत्यर्पित किए जाने के बाद, सीबीआई ने मंगलवार को औपचारिक रूप से मिस्त्री को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने बाद में उसे विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष पेश किया, लेकिन उसकी रिमांड के लिए दबाव नहीं डाला।
6 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में संदीप मिस्त्री
अदालत ने भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के सहयोगी संदीप मिस्त्री को 6 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह गिरफ्तारी नवंबर 2025 में एक विशेष अदालत के जारी गैर-जमानती वारंट के अनुपालन में की गई थी।
मिस्त्री ने नीरव मोदी की हांगकांग स्थित कंपनी फैंसी क्रिएशंस लिमिटेड के निदेशक के रूप में काम किया था। सीबीआई ने आरोप लगाया कि मिस्त्री ने मोदी और अन्य आरोपी व्यक्तियों के साथ आपराधिक साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके तहत पंजाब नेशनल बैंक के करीब 6,498.20 करोड़ रुपये लेकर भागे।
13,000 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी का आरोप
केंद्रीय एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि संदीप मिस्त्री ने नीरव मोदी के भाई नेहल और एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर दुबई में मोदी से जुड़ी विभिन्न कंपनियों के कर्मचारियों डमी निदेशकों को भारत में मामला दर्ज होने के बाद देश छोड़ने की धमकी दी थी।
संदीप मिस्त्री ने उन्हें इस धमकी के तहत काहिरा में स्थानांतरित होने के लिए मजबूर किया था और बताया था कि उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है। सीबीआई ने बताया कि आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए अपने सेलफोन भी नष्ट कर दिए थे।
इस सभी पर बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से और मुंबई में ब्रैडी हाउस पीएनबी शाखा में फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) जारी करके 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक धोखाधड़ी करने का आरोप है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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