जागरण संवाददाता, जयपुर : नोटबंदी के मामले में बैंक कर्मचारियों की धांधली भी सामने आ रही है। राजस्थान के दौसा कलक्ट्रेट स्थित बैंक के हेड कैशियर ने रिजर्व बैंक की गाइड लाइन को ताक पर रखकर 1.01 करोड़ रुपये का कालाधन सफेद कर दिया।

हेड कैशियर योगेंद्र मीना ने 10 नवंबर से लेकर 25 नवंबर तक अपने दो दोस्तों के 1.01 करोड़ के पुराने नोट बदल दिए। इनमें से एक व्यक्ति के 97 लाख व दूसरे के चार लाख रुपये बदले गए हैं। बैंक अधिकारियों को इसकी भनक लगी तो जांच शुरू की गई। जांच में मामला सही पाए जाने पर योगेंद्र को निलंबित कर दिया गया।

इस मामले को लेकर बैंक के एजीएम हेमंत कपूर व मुख्य प्रबंधक व शाखा प्रबंधक कोतवाली पहुंचे और गबन के आरोप की प्राथमिकी पेश की। लेकिन कोतवाली पुलिस ने इस मामले को सार्वजनिक उपक्रम से जुड़ा मानते हुए मामले को सीबीआइ जयपुर भेजने की बात कही।

नोटबंदी के बाद खुले दान पात्र से निकले 4.41 करोड़

राजस्थान के चित्तौडगढ़ में स्थित प्रसिद्घ सांवलिया जी मंदिर का दानपात्र दो माह बाद सोमवार को खोला गया तो इसमें से 4.41 करोड़ रुपये की नकदी निकली। इस बार दान पात्र दो माह बाद खोला गया था। दो माह पहले जब दानपात्र खोला गया था तो 2.30 करोड़ रुपये निकले थे, जबकि इस बार 4.41 करोड़ रुपये निकले। नोटों की गिनती में भी एक हजार और 500 रूपये के पुराने नोट ही ज्यादा थे। एक हजार रुपये के 1.29 करोड़ रुपये और 500 के नोटों के 1.86 करोड़ रुपये निकले। दानपात्र में नए दो हजार रुपये के 441 और 500 के 68 नोट भी निकले। सांवलिया जी मंदिर में व्यापारी बड़ी संख्या में दान करते हैं। कई व्यापारियों ने भगवान सांवलियाजी को साझेदार भी बना रखा है।

Posted By: Sachin Bajpai

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