राजस्थान में बुटाटी धाम मंदिर के भंडार से नकदी और जेवरात गायब, पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
राजस्थान के नागौर जिले में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल बुटाटी धाम में दान में मिली नकदी और जेवरात गायब होने का मामला सामने आया है।

राजस्थान में बुटाटी धाम मंदिर के भंडार से नकदी और जेवरात गायब (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
मंदिर समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
2026 को कमेटी गठित कर आरोपों की जांच करवाई थी
जेएनएन, जयपुर। राजस्थान के नागौर जिले में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल बुटाटी धाम में दान में मिली नकदी और जेवरात गायब होने का मामला सामने आया है।
बुटाटी धाम में स्थित श्री चतुरदास महाराज मंदिर में पिछले दो वर्ष में दान में मिले 22.74 करोड़ रुपये नकद, चांदी और सोने के जेवरात गायब होने के मामले में मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राठौड़ सहित 11 पदाधिकारियों के खिलाफ कुचेरा पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ है।
पुलिस की अब तक की जांच में नकदी एवं जेवरात गायब करने को लेकर लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं। करीब आठ माह पूर्व मंदिर से जुड़े भक्तों एवं पूर्व पदाधिकारियों ने दान के रूप में मंदिर को मिलने वाली राशि एवं जेवरात में गड़बड़ी होने का आरोप लगाते हुए तत्कालीन कलेक्टर अरुण पुरोहित को ज्ञापन दिया था।
इसमें समिति के वर्तमान पदाधिकारियों पर नकद राशि एवं जेवरात गायब करने और मंदिर को किराये से होने वाली आमदनी में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था।
कलेक्टर ने 29 जनवरी, 2026 को कमेटी गठित कर आरोपों की जांच करवाई थी। कमेटी ने मंदिर समिति के पिछले दो वर्षों के दस्तावेज की जांच कर आरोपों को सही मानते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने की सिफारिश की थी।
इस बीच सुनील सिंह सहित कुछ भक्तों एवं पूर्व पदाधिकारियों ने वकील पवन श्रीमाली के माध्यम से इस प्रकरण को लेकर स्थानीय न्यायालय में याचिका दायर कर दी। गायब नकदी और जेवरात की वसूली करने की मांग की। इस पर न्यायालय ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए ।
पुलिस ने मंदिर के अभिलेख सहित विभिन्न दस्तावेज की जांच करने के साथ ही लेखाकार से पूछताछ की तो आरोप सही पाए गए।
जांच में दान में मिले 22.74 करोड़ रुपये गायब होने के साथ ही मंदिर समिति ने दस्तावेज में कई किलो चांदी की नई खरीद दिखाई गई, जबकि मंदिर के भंडार में पहले से जो 36 किलो चांदी एवं 250 ग्राम सोने के जेवरात थे, उनका उल्लेख नहीं मिला। पुलिस की जांच जारी है। उधर, देवेंद्र सिंह ने आरोपों को झूठा बताया है। -
मामले की जांच की जा रही है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।-देवेंद्र कुमार, कलेक्टर, नागौर
