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2.25 करोड़ रुपये की जबरन वसूली, मुंबई में ईडी के दो अधिकारियों पर FIR दर्ज

Published: Sat, 19 Sep 2026 02:10 AM (IST)

पुलिस ने ईडी के दो अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर मुंबई के एक व्यवसायी को मनी ...और पढ़ें

ईडी के दो अधिकारियों पर जबरन वसूली और धमकी देने का मामला दर्ज (सांकेतिक तस्वीर)

ईडी के दो अधिकारियों पर जबरन वसूली और धमकी देने का मामला दर्ज (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. अधिकारियों ने पहले पांच करोड़ रुपये में मामला "सुलझाने" का दिया था प्रस्ताव

  2. दो किश्तों में लिए 2.25 करोड़ रुपये, बाद में व्यवसायी ने एजेंसी को दी इसकी जानकारी

पीटीआई, मुंबई। पुलिस ने ईडी के दो अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर मुंबई के एक व्यवसायी को मनी लांड्रिंग की जांच की धमकी देने और उनसे 2.25 करोड़ रुपये की जबरन वसूली करने का आरोप है।

ये दोनों अधिकारी जयपुर में स्थित जांच एजेंसी के आफिस में तैनात हैं। एफआईआर में इनकी पहचान असिस्टेंट डायरेक्टर मोहित गर्ग और एनफोर्समेंट ऑफिसर देवेंद्र कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। इन दोनों के विरुद्ध 31 अगस्त को मुंबई के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।

एफआईआर के अनुसार, ईडी के मुंबई आफिस ने पुलिस को शिकायत भेजी थी। यह शिकायत तब भेजी गई जब एक आइटी कंपनी के व्यवसायी ने एजेंसी को इन दोनों अधिकारियों की धमकी और जबरन वसूली के बारे में बताया।

अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने पुलिस की एफआइआर का संज्ञान लेते हुए पीएमएलए के तहत भी आपराधिक मामला दर्ज किया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता से पूछताछ की गई।

कहा गया है कि ईडी के ये दोनों अधिकारी 20 जुलाई को मुंबई के मलाड (पश्चिम) इलाके में व्यवसायी के आफिस पहुंचे थे। शुरुआत में उन्होंने कहा कि वे सर्वे करना चाहते हैं, लेकिन बाद में उस पर "अपराध से मिली रकम" के लेन-देन का आरोप लगाया।

आरोप है कि अधिकारियों ने व्यवसायी को धमकी दी कि वे अपने सर्वे को पूरी रेड (तलाशी) में बदल देंगे। शिकायत में कहा गया है कि एजेंसी के अधिकारियों ने पांच करोड़ रुपये में मामला "सुलझाने" का प्रस्ताव दिया, जिसे बाद में बातचीत के बाद 2.25 करोड़ रुपये पर तय किया गया।

व्यवसायी का आरोप है कि उसने दो किश्तों में 2.25 करोड़ रुपये दिए, लेकिन बाद में उसे पता चला कि उसके खिलाफ कोई मामला नहीं था, क्योंकि उसे इन आरोपों को साबित करने के लिए कोई दस्तावेज नहीं दिया गया था।