नई दिल्ली [राजकिशोर]। खराब खबरों के बीच कांग्रेस को जीत की संजीवनी देने वाले कर्नाटक को पार्टी नेतृत्व मनमोहन सरकार के आखिरी मंत्रिमंडल विस्तार में इनाम देगा। देश के बुनियादी ढांचे का प्रमुख हिस्सा रेल और सड़क परिवहन कर्नाटक के खाते में जाएगा। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद की दौड़ में पिछड़ गए मल्लिकार्जुन खड़गे को देश का नया रेल मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष रहे कर्नाटक के ही दिग्गज आस्कर फर्नाडिस को सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय सौंपा जा सकता है।

आम चुनावों से पहले संगठन-

सरकार को दुरुस्त करने की कवायद में रविवार को संगठन में बड़ा फेरबदल हो गया है। अब सोमवार शाम या ज्यादा से ज्यादा मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने कार्यकाल का संभवत: आखिरी मंत्रिमंडल विस्तार भी करेंगे। इस विस्तार में सबकी निगाहें पवन बंसल के इस्तीफे के बाद खाली हुए रेल मंत्रालय के उत्तराधिकारी पर टिकी हैं।

सूत्रों के मुताबिक कर्नाटक से दलित चेहरा रहे मल्लिकार्जुन खड़गे को रेल मंत्री बनाया जाएगा। कोशिश यह भी है कि मुख्यमंत्री न बनने से नाराज खड़गे कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के लिए कोई मुसीबत न खड़ी करें। कर्नाटक से कांग्रेस आलाकमान के सबसे करीबी नेता और केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष रहे आस्कर फनरंडिस को संगठन से हटाकर केंद्र में लाया जा रहा है। उन्हें सीपी जोशी के इस्तीफे के बाद खाली हुआ सड़क परिवहन मंत्रलय सौंपा जाएगा।

वहीं, खड़गे के मौजूदा श्रम मंत्रलय का प्रभार चुनावी राज्य राजस्थान से वरिष्ठ नेता शीशराम ओला को दिया जा सकता है। संगठन से हटाए गए एक अन्य महासचिव हरियाणा के दिग्गज चौधरी बीरेंद्र सिंह को कपड़ा मंत्री बनाए जाने की उम्मीद है। बीरेंद्र हरियाणा के मुख्यमंत्री हुड्डा के विरोधी माने जाते हैं। उन्हें भी संगठन से सरकार में लाकर कांग्रेस नेतृत्व अपने मुख्यमंत्रियों को तनावरहित करना चाहता है।

अजय माकन के इस्तीफे से खाली हुए शहरी विकास मंत्रालय में राजस्थान की गिरिजा व्यास को भेजने के प्रबल संकेत हैं। राजस्थान से ही ज्योति मिर्धा का नाम भी राज्यमंत्री के तौर पर है। चुनावी राज्यों को तरजीह देने के क्रम में मध्य प्रदेश से युवा सांसद व राहुल की करीबी मीनाक्षी नटराजन भी राज्यमंत्री बनेंगी। मध्य प्रदेश से सत्यव्रत चतुर्वेदी का नाम भी विचाराधीन रहा है।

तमिलनाडु से सुदर्शन नचियप्पन को वाणिज्य व उद्योग राज्यमंत्री और आंध्र प्रदेश से जेडी सीलम को वित्त मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया जाना है। पंजाब से संतोष चौधरी, महाराष्ट्र से विलास मुत्तमवार, मानिक गावित के नाम भी हैं।

गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को हटाकर गुलाम नबी आजाद को लाने पर भी चर्चा थी, लेकिन इसकी संभावना अब थोड़ी कमजोर ही है। गौरतलब है कि आधा दर्जन कैबिनेट और करीब 11 राज्यमंत्रियों के पद खाली हैं। द्रमुक के मंत्रियों के बाहर जाने के बाद अजय माकन और सीपी जोशी इस्तीफा देकर कांग्रेस संगठन में महासचिव बन गए हैं।

माकन के बाद दिल्ली से जयप्रकाश अग्रवाल या महाबल मिश्र में किसी को मंत्री बनाए जाने की उम्मीद है। महाबल पूर्वांचल का चेहरा हैं, जबकि जयप्रकाश और शीला दीक्षित के बीच छत्तीस का आंकड़ा है। ऐसे में जयप्रकाश अग्रवाल को भी मंत्री बनाने की संभावनाओं से इन्कार नहीं है। उत्तर प्रदेश से भी राशिद अल्वी या जगदंबिका पाल में किसी को मौका मिल सकता है। आखिरी समय तक कुछ और नाम भी इस सूची में शामिल हो सकते हैं।

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