नई दिल्ली। पृथक तेलंगाना राज्य के गठन पर केंद्र सरकार के फैसले में अभी और देरी संभव है। गृह मंत्रालय ने अब तक कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए अपनी रिपोर्ट पेश नहीं की है। बताया जा रहा है कि इसमें अभी और समय लग सकता है। दूसरी ओर, राज्य के बंटवारे के खिलाफ आंदोलन कर रहे सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराने की कोशिशें नाकाम हो गई हैं। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता विफल रहने के बाद संकट जस का तस बरकरार है।

तेलंगाना पर पीछे नहीं हटेगी सरकार

बताते हैं कि गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कैबिनेट के सामने पेश किए जाने वाले मसौदे को अभी हरी झंडी नहीं दिखाई है। वह रक्षा मंत्री एके एंटनी की अध्यक्षता वाली उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। यह समिति आंध्र प्रदेश के दोनों प्रभावित पक्षों से मशविरा कर रही है। माना जा रहा है कि गृह मंत्री मसौदे को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सामने भी रखेंगे। यहां से मंजूरी के बाद इसे कानून मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। कानून मंत्रालय से हरी झंडी मिलने पर ही इसे कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। इसके बाद ही नए राज्य के गठन का प्रस्ताव आंध्र प्रदेश विधान सभा को भेजा जाएगा। सीमांध्र के मंत्रियों ने रक्षा मंत्री एके एंटनी से लोगों का पक्ष जानने के लिए राज्य का दौरा करने का आग्रह किया है।

लोकसभा में तेलंगाना पर भिड़ी कांग्रेस व तेदेपा

तेलंगाना राष्ट्र समिति [टीआरएस] अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने केंद्र सरकार से जल्द से जल्द तेलंगाना का गठन करने को कहा है।

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