नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। लोकसभा के चुनावी दंगल से ऐन पहले उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च सीमा में 42 फीसद से अधिक की बढ़ोतरी कर दी गई है। अब लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी 40 की बजाय 70 लाख रुपये अपने चुनाव पर खर्च कर सकेंगे।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस आशय के एक प्रस्ताव को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। लोकसभा के साथ-साथ सरकार ने विधानसभा चुनावों के लिए भी खर्च की सीमा बढ़ा दी है। विधानसभा चुनावों में अब प्रत्याशी 28 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। हालांकि खर्च की यह सीमा पूर्वोत्तर राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेश के लिए कुछ कम होगी।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुआई में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चुनाव प्रक्रिया नियम-1961 को संशोधित कर खर्च सीमा को बढ़ाया गया है। अरुणाचल प्रदेश, गोवा, सिक्किम, अंडमान-निकोबार, चंडीगढ़, दादर-नागर हवेली, दमण-दीव, लक्षद्वीप तथा पुडुचेरी में लोकसभा चुनाव के लिए खर्च की सीमा 54 लाख होगी। लोकसभा चुनाव 2009 के मुकाबले उम्मीदवारों की खर्च सीमा में अब तक 62 फीसद से अधिक बढ़ोतरी हो चुकी है।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक बढ़ोतरी का यह फैसला मतदाताओं और मतदान केंद्रों की संख्या में वृद्धि तथा महंगाई में हुए इजाफे के मद्देनजर लिया गया है। महत्वपूर्ण है कि इस संबंध में चुनाव आयोग ने 4 फरवरी को विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श कर व्यय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। इससे पहले 2011 में चुनाव खर्च की सीमा को बढ़ाकर 40 लाख किया गया था। वहीं विधानसभा चुनाव में खर्च की सीमा को मौजूदा 16 लाख से बढ़ाकर 28 लाख कर दिया गया है।

गौरतलब है कि चुनाव खर्च को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती को उच्च न्यायालय का नोटिस भी दिया गया है। खर्च सीमा के उल्लंघन को लेकर उत्तरप्रदेश की एक विधायक की सदस्यता भी जा चुकी है।