सागर, नई दुनिया। लोगों ने अभी तक थानों में जब्त शराब की बोतलों को मशीन से रौंदते देखा होगा। लेकिन मध्य प्रदेश के सागर जिले में 35 साल बाद कोर्ट के आदेश पर कलेक्टोरेट के मालखाने में रखीं जब्ती की हजारों बंदूकों, पिस्टल और कारतूसों को एक साथ नष्ट किया गया।

जिले में विभिन्न मामलों में जब्ती के बाद कलेक्टोरेट के मालखाने में रखीं तीन हजार बंदूक, पिस्तौल, तमंचों पर बुधवार को पुलिस लाइन में अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर चलाया गया। नष्ट किए गए असलहे को बाद में जेसीबी मशीन से गहरे गड्ढे में दफन कर नमक, सोडा और कोयला डालकर मिट्टी से पैक कर दिया। अब 15 दिन में लोहे का मटेरियल गल जाएगा। पुलिसकर्मी तब तक गड्ढे की निगरानी करेंगे।

 जब्तशुदा हथियारों को सूचीबद्ध करने की कार्रवाई दो माह से चल रही थी। अपराधियों से जब्त हथियार और अवैध रूप से बरामद हथियारों के प्रकरणों का कोर्ट से निराकरण कराया गया।

मालखाने में सन 1975 से लेकर 2015 तक के हथियार रखे थे। आपराधिक प्रकरणों में जब्त बंदूक, पिस्टल व कारतूस का कोर्ट के आदेश पर निष्पादन किया जाता है। कई मामलों में कोर्ट का आदेश होने के बाद भी पक्षकार हथियार लेने नहीं आए थे इसलिए इन हथियारों को नष्ट कराया गया है।

पुलिस लाइन में सुबह 10 बजे मालखाने से हथियारों को पुलिस वैन से लाया गया। लाइन ऑफिस के बाजू वाले मैदान में हथियारों को रखा गया। नायब तहसीलदार डॉ. गजेंद्रनाथ प्रजापति, रक्षित निरीक्षक रणजीत सिंह सिकरवार की उपस्थिति में बुलडोजर से बंदूक , पिस्टल, देसी तमचें और कारतूस नष्ट कराए गए। यह कार्रवाई करीब एक घंटे चली। बाद में जेसीबी मशीन ने इन्हें गड्ऐ में दफन किया गया।

8 फीट गहरा गड्ढा खोदा
पुलिस लाइन परिसर में नष्ट किए गए हथियारों को जमीन में दफनाने के लिए 15 फीट लंबा, 10 फीट चौड़ा और 8 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। गड्ढे में पानी भरकर नष्ट मटेरियल जेसीबी मशीन से डाला गया। लोहे के मटेरियल को गलाने के लिए 10 बोरी नमक, 2 बोरी कास्ंिटग सोडा और 5 बोरी कोयला डाला गया। ऊपर से दो फीट मिट्टी की परत बिछाई गई।

जिंदा कारतूस थे
इस असलहे के साथ कुछ जिंदा कारतूस भी थे। इन्हें बुलडोजर से नष्ट कराने के बजाए सीधे गड्ढे में डाल दिया गया। यदि इन्हें कुचला जाता तो धमाका हो सकता था।

Posted By: Manish Negi