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अर्थव्यवस्था-रोजगार पर फोकस और पूर्वी भारत के विकास पर जोर... राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संसद में संबोधन

Published: Wed, 28 Jan 2026 12:42 PM (IST)Updated: Wed, 28 Jan 2026 03:04 PM (IST)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के बजट सत्र को संबोधित किया, जिसमें सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। ...और पढ़ें

बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है।

बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है।

HighLights

  1. सामाजिक न्याय, अर्थव्यवस्था और अंतरिक्ष में प्रगति पर जोर।

  2. बजट सत्र दो चरणों में, आर्थिक सर्वेक्षण और बजट पेश होगा।

  3. पूर्वी भारत के विकास और गरीबी उन्मूलन पर विशेष ध्यान।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र 2026-27 की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संबोधन से हुई। लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने सरकार की प्राथमिकताओं, उपलब्धियों और आगे की दिशा को साफ शब्दों में रखा है।

विपक्ष के हंगामे के बीच शुरू हुए इस भाषण में सामाजिक न्याय, अर्थव्यवस्था, अंतरिक्ष, पूर्वी भारत और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दे छाए रहे।

दो चरणों में चलेगा बजट सत्र

बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहला चरण बुधवार से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी।

पहले चरण में 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण संसद में पेश किया जाएगा। इसके बाद 1 फरवरी (रविवार) को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करेंगी। पूरे सत्र में कुल 30 बैठकें प्रस्तावित हैं।

सामाजिक न्याय पर सरकार की प्रतिबद्धता

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि केंद्र सरकार सामाजिक न्याय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
  • उन्होंने बताया कि आज देश के लगभग 95 करोड़ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
  • उनके अनुसार, पिछले 10 वर्षों में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।
  • राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को और सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
  • इसके साथ ही भ्रष्टाचार और घोटालों पर लगाम लगाकर सार्वजनिक धन के सही उपयोग को सुनिश्चित किया गया है।

अंतरिक्ष में भारत की ऐतिहासिक उड़ान

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचना एक ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गगनयान मिशन पर देश उत्साह के साथ काम कर रहा है, और अब अंतरिक्ष पर्यटन भी भारतीयों की पहुंच में आता दिख रहा है।

पूर्वी भारत के विकास पर खास जोर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सरकार पूर्वी भारत के विकास को विशेष प्राथमिकता दे रही है। बुनियादी ढांचे, उद्योग और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए इस क्षेत्र में कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने संकेत दिए कि क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करना सरकार की विकास नीति का अहम हिस्सा है, ताकि हर हिस्से में समान प्रगति सुनिश्चित हो सके।

अर्थव्यवस्था, सुधार और रोजगार पर फोकस

राष्ट्रपति ने कहा कि देश में इस समय 150 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जो आधुनिक बुनियादी ढांचे का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को नई गति देगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पुराने नियमों में बदलाव किया जा रहा है और सरकार ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।

राष्ट्रपति ने कहा कि पिछड़े वर्गों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है और महिलाओं को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के जरिए सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान ने भारत के साहस और संकल्प को दुनिया के सामने रखा है।