असम में छह समुदायों को एसटी का दर्जा देने का विरोध जारी, बीटीसी सचिवालय में तोड़फोड़
सम कैबिनेट द्वारा राज्य के छह अन्य समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने संबंधी रिपोर्ट को मंजूरी दिए जाने के विरोध में बोडोलैंड विश्वविद्यालय के छात्रों ने शनिवार को बीटीसी सचिवालय के सभा भवन में तोड़फोड़ की।

असम में छह समुदायों को एसटी का दर्जा देने का विरोध जारी (फाइल फोटो)
पीटीआई, कोकराझार। असम कैबिनेट द्वारा राज्य के छह अन्य समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने संबंधी रिपोर्ट को मंजूरी दिए जाने के विरोध में बोडोलैंड विश्वविद्यालय के छात्रों ने शनिवार को बीटीसी सचिवालय के सभा भवन में तोड़फोड़ की।
अधिकारियों के अनुसार, आदिवासी छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर से बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (बीटीसी) सचिवालय तक छह किलोमीटर लंबा मार्च निकाला। वे अवरोधक को पार कर सभा भवन में घुस गए।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कुर्सियों और अन्य फर्नीचर को नुकसान पहुंचाते हुए सभा भवन में तोड़फोड़ की। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त सुरक्षाबलों को मौके पर भेजा गया है, लेकिन क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। नियंत्रण पाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार को असम के छह प्रमुख समुदायों ताई अहोम, चुटिया, मोरान, मोटोक, कोच-राजबोंगशी और टी ट्राइब्स (आदिवासी) को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के प्रस्ताव पर मंत्रियों के समूह (जीओएम) की रिपोर्ट को मंजूरी दी थी।
कैबिनेट के फैसले के विरोध में बोडोलैंड विश्वविद्यालय के छात्रों ने गुरुवार को को भी परिसर में विरोध प्रदर्शन किया था। तीसरे सेमेस्टर की अंतिम परीक्षाओं का बहिष्कार भी किया था।

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