नई दिल्ली, एजेंसी। सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) ने आधुनिक 'ड्रोन भेदी प्रणाली' (Modern Anti-Drone System) की मांग की है, ताकि भारतीय क्षेत्रों में संदिग्ध हवाई प्लेटफॉ‌र्म्स (Suspicious Aerial Platforms ) को नष्ट किया जा सके। हाल में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कई ड्रोन (Drone) देखे जाने के बाद बीएसएफ (BSF) ने यह मांग की है।

बीएसएफ ने ड्रोन का पता लगाने वाली ऐसी प्रणाली की मांग की है जिसमें रडार (Radars), रेडियो फ्रिक्वेंसी रिसीवर (Radio Frequency Receivers), जैमर (Jammers) और सभी ड्रोन को निष्क्रिय करने के लिए प्रणाली नियंत्रक हों।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीएसएफ से कहा है कि शत्रु के ड्रोनों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकी हासिल करे। बीएसएफ से कहा गया है कि उन जवानों को प्रशिक्षित किया जाए जो जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर इन प्रणालियों को संभाल सकें।'

10 सेकेंड में लक्ष्य का पता लगाने में सक्षम 

बता दें कि बीएसएफ ने ड्रोन भेदी ऐसी प्रणाली की मांग की है जिसे या तो जमीन पर स्थापित किया जा सके या किसी वाहन पर लगाया जा सके। बीएसएफ की मांग में यह भी कहा गया है कि प्रणाली अकेले उड़ रही किसी वस्तु या समूह में उड़ रहे ड्रोन को दूर से ही पहचानने में सक्षम हो और 10 सेकेंड के अंदर लक्ष्य का पता लगा सके।

छह लाख से ज्यादा शत्रु ड्रोन

अनुमान के मुताबिक, भारत में छह लाख से अधिक शत्रु ड्रोन या बिना नियंत्रण वाले यूएवी हैं और सुरक्षा एजेंसियां 'स्काई फेंस' (Sky Fence) और 'ड्रोन गन' (Drone Gun) जैसे आधुनिक ड्रोन भेदी हथियारों का विश्लेषण कर रही हैं, ताकि इन हवाई वाहनों के माध्यम से आतंकवाद फैलाने या किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पाक से आए ड्रोन से हथियार गिराने की घटनाएं

हाल में पंजाब में पाकिस्तान से लगती सीमा के पास ड्रोन से हथियार गिराने की घटनाएं हुई थीं, जिसके बाद सरकार ने सेना को इन ड्रोन को मार गिराने के अधिकार दे दिए हैं।

Posted By: Manish Pandey

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