नई दिल्ली, एजेंसियां। जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध कर चुकी ब्रिटेन की विपक्षी सांसद डेबी अब्राहम्स (डेबोराह एंजेला एल्सपेथ मेरी अब्राहम्स) को सोमवार की सुबह नई दिल्ली स्थित आइजीआइ एयरपोर्ट पहुंचने पर तत्काल वापस लौटा दिया गया। लेबर पार्टी की डेबी ने दावा किया है कि उनके पास वैध वीजा होने के बावजूद उन्हें वापस दुबई प्रत्यर्पित किया गया। जबकि भारत के गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उन्हें समय रहते ही उनका ई-वीजा रद किए जाने की जानकारी दे दी गई थी। इसके बावजूद उन्होंने भारत आने की जहमत उठाई।

डेबी अब्राहम्स (59) ब्रिटेन में कश्मीर पर सर्वदलीय संसदीय समूह की अध्यक्ष हैं। उनकी दलील है कि वह भारत में अपने परिवार और मित्रों से मिलने वैध ई-वीजा पर भारत आई थीं। लेकिन एक साल के लिए जारी किया गया उनका वीजा, आगामी अक्टूबर तक वैध होने के बावजूद बिना किसी स्पष्टीकरण के रद कर दिया गया। इस सिलसिले में ब्रिटिश उच्चायोग की प्रवक्ता ने बताया कि वह सांसद डेबोराह पर भारत में प्रवेश पर मनाही के संबंध में भारतीय प्रशासन के संपर्क में हैं। उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर काउंसलर एक्सेस भी दिया गया था।

इस विवाद पर नई दिल्ली में गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ने बताया कि ब्रिटिश सांसद का वीजा रद किए जाने के बाद उन्हें इस बात की जानकारी दी गई थी और वह यह सब जानते हुए भी दिल्ली पहुंच गईं। जब डेबी अब्राहम्स से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे 13 फरवरी से पहले इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी। उसके बाद से वह ऑफिस नहीं गईं और लगातार यात्रा कर रही थीं। ब्रिटेन में उनके दफ्तर ने इस बात की पुष्टि की कि डेबी को दुबई के एक विमान में वापस भेजा गया है। चूंकि वह दुबई से ही भारत आईं थीं। डेबी के साथ उनका भारतीय मूल का स्टाफ भी मौजूद था।

इससे पहले, सोमवार की सुबह आइजीआइ एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद डेबी ने ट्विटर पर अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा कि जब वह एयरपोर्ट पहुंची तब उन्हें बताया गया कि उनका ई-वीजा रद हो चुका है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि वह इमिग्रेशन डेस्क पर अपने दस्तावेज और ई-वीजा के साथ पहुंची थीं। लेकिन वहां मौजूद अधिकारी ने कंप्यूटर पर डाटा जांचने के बाद बताया कि उनका वीजा रद हो चुका है। उसने उनका पासपोर्ट लिया और दस मिनट गायब रहा। उसके बाद वह लौटा तो उसका व्यवहार बहुत बुरा था और वह साथ चलने के लिए मुझ पर चिल्ला रहा था। फिर वह मुझे 'डिपोर्टी सेल' ले गया।

डेबी ने बताया कि उसके बाद उन्होंने अपनी ननद की कजिन काई को फोन किया, जहां वह ठहरने वाली थीं। काई ने ब्रिटिश उच्चायोग में संपर्क साधा और मामले का पता करने की कोशिश की। डेबी के पति जॉन अब्राहम्स ब्रिटिश क्रिकेटर रह चुके हैं। ध्यान रहे कि डेबी अब्राहम्स ब्रिटिश सांसदों के एक समूह का नेतृत्व करती हैं। उन्होंने पिछले साल अगस्त में जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद एक औपचारिक पत्र लिखकर इसका कड़ा विरोध किया था। विपक्षी सांसद अब्राहम्स ने ब्रिटेन के तत्कालीन विदेश मंत्री डोमिनिक राब को चिट्ठी लिखकर कहा था कि वह केंद्रीय मंत्री अमित शाह के भारतीय संविधान से अनुच्छेद 370 हटाने की घोषणा से बेहद चिंतित हैं।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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