नई दिल्ली, एएनआइ। भारतीय और ब्रिटिश सेनाओं के बीच चल रहे संयुक्त अभ्यास को दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए एक शीर्ष ब्रिटिश नौसेना अधिकारी ने कहा कि अभ्यास का उद्देश्य संबंधों को गहरा करना है। रायल नेवी की एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ कैरियर के स्ट्राइक ग्रुप कमांडर कमोडोर स्टीव मूरहाउस ने कहा किरक्षा क्षेत्र में अभ्यास हमारी नौसेना, वायु सेना और थल सेनाओं के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। अभ्यास में सभी पक्षों के बीच हमारे सभी संचारों को चलाने के लिए हम सभी एक ही समय में एक साथ अभ्यास कर रहे हैं।

दोनों देशों की सेनाओं के बीच कई उच्च स्तरीय दौरे और अभ्यास इस समय हो रहे हैं। ब्रिटिश सीडीएस, सेना और नौसेना प्रमुख भारत में हैं और ब्रिटिश सेना अलग-अलग जगहों पर भारतीय सेना के साथ अभ्यास कर रही है। अभ्यास कोंकण शक्ति भारत और यूके के बीच पहली ट्राई-सर्विस एक्सरसाइज है।

इस युद्धाभ्यास में ब्रिटिश रायल नेवी का विमानवाहक पोत एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ भी शामिल है। इस पोत से लड़ाकू विमान एफ-35 स्ट्राइक फाइटर और मर्लिन मार्क 2 हेलीकाप्टर का संचालन होता है। अमेरिकन मरीन कार्प्स एफ-35एस ब्रिटिश कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का स्थायी हिस्सा हैं और उनके साथ काम करते हैं।

मूरहाउस ने कहा कि भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई और ब्रिटिश और अमेरिकी मरीन कार्प्स एफ-35 के बीच चल रहे अभ्यास अच्छी तरह से चल रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे से बहुत कुछ हासिल कर रहे रहे और संयुक्त रूप से काम कर रहे थे। अमेरिकन मरीन कार्प्स एफ-35 फाइटर स्क्वाड्रन की भागीदारी पर टिप्पणी करते हुए, ब्रिगेडियर जनरल साइमन डोरन ने बताया कि अमेरिका एफ-35 जो कि ब्रिटिश स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा हैं, भारतीय वायु सेना के विमानों के साथ उड़ान भर रहे हैं। वे आने वाले दिनों मे भारतीय नौसेना के साथ उड़ान भरेंगे।

Edited By: Tanisk