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'जरा मेरे मैसेज देखिए... आप कितने लोकप्रिय हैं', मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम ने की पीएम मोदी की तारीफ

Published: Sat, 12 Sep 2026 03:21 PM (GMT+05:30)

दिल्ली में ब्रिक्स समिट 2026 के दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी की जबरदस्त लोकप्रियता की सराहना की।

मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम के साथ पीएम मोदी। (फोटो- पीटीआई।)

मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम के साथ पीएम मोदी। (फोटो- पीटीआई।)

HighLights

  1. मलेशियाई पीएम ने ब्रिक्स समिट में पीएम मोदी की लोकप्रियता सराही।

  2. द्विपक्षीय बैठक में भारत-मलेशिया संबंधों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

  3. दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया गया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट 2026 चल रही है और भारत इसकी अध्यक्षता कर रहा है। इस दौरान एक खास पल तब आया जब मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और उनकी जबरदस्त लोकप्रियता का जिक्र किया।

एक लाइव बातचीत के दौरान अनवर इब्राहिम ने बताया कि उन्हें पीएम मोदी के साथ अपनी मुलाकात को लेकर शुभकामनाओं के कई संदेश मिले हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "आप बहुत लोकप्रिय हैं। देखिए, मुझे लोगों की तरफ से आपको शुभकामनाएं देने के लिए इतने सारे संदेश मिल रहे हैं।"

द्विपक्षीय बातचीत के बाद कही ये बातें

ये बातें दोनों नेताओं के बीच एक अहम द्विपक्षीय बैठक के बाद कहीं गईं, जो भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते आपसी संबंधों को दर्शाती हैं। मलेशिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार, मलेशिया ने विकास की चुनौतियों से निपटने, आर्थिक अवसरों का विस्तार करने और यह सुनिश्चित करने के लिए ब्रिक्स (BRICS) के सदस्य और सहयोगी देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया कि तकनीकी प्रगति और इनोवेशन का लाभ सभी देश समावेशी रूप से उठा सकें।

भारत-मलेशिया संबंध

भारत और मलेशिया के बीच आपसी सम्मान और साझा मूल्यों पर आधारित मजबूत साझेदारी है, जिसे अगस्त 2024 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया का दौरा भी किया, जहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।

इन चर्चाओं में राजनीतिक जुड़ाव, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, समुद्री सहयोग, व्यापार और निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन जैसे विषय शामिल थे।

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