नई दिल्‍ली, एजेंसियां। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले उस परिवार को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है जिन्होंने अपने कमाऊ स्‍वजन को कोविड-19 संक्रमण के चलते खो दिया है। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी की मार से कई परिवार दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। लोगों की प‍रेशानियों को ध्‍यान में रखते हुए हमने इस तरह के हर उस बीपीएल परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है जिनके वयस्क सदस्यों की मृत्यु हो गई।

मुख्‍यमंत्री येदियुरप्‍पा ने बताया कि इस फैसले से करीब 25 हजार से 30 हजार परिवारों को फायदा होगा। यही नहीं इन लोगों को एक एक लाख रुपये की राहत राशि देने से सरकारी खजाने पर 250 करोड़ से 300 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्‍त भार पड़ेगा। कर्नाटक में बीते कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के नए मामलों की तुलना में स्वस्थ हो रहे लोगों की संख्या अधिक हो गई है। कर्नाटक में रविवार को महामारी के कुल 7810 नए मामले दर्ज किए गए जबकि 18,648 लोग स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। बीते 24 घंटे में 125 मरीजों ने कोरोना संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया।

इसके साथ ही सूबे में कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़कर 27,65,134 हो गई है। इसमें 1,80,835 सक्रिय मामले शामिल हैं। वहीं इससे इतर मंड्या जिला को-ऑपरेटिव दुग्ध उत्पादक सोसायटी में दूध की कथित मिलावट पर येदियुरप्पा ने कहा कि मामले की जांच सीआईडी करेगी। सोसायटी के नए प्रबंध निदेशक की नियुक्ति कर दी गई है। यही नहीं जांच का सामना कर रहे पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यही नहीं मिलावट करने में कथित तौर पर शामिल कुछ डेयरी को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ जांच के आदेश भी दिए गए हैं।