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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अहमदाबाद पहुंचे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन, साबरमती आश्रम में चलाया चरखा

By Mahen KhannaEdited By:
Published: Thu, 21 Apr 2022 09:07 AM (IST)Updated: Thu, 21 Apr 2022 10:56 AM (IST)

कल जोनसन पीएम मोदी के साथ वार्ता में कई अहम समझोतों पर भी चर्चा कर सकते हैं। इस दौरान दोनों ...और पढ़ें

बोरिस जानसन साबरमती आश्रम में चरखा चलाते हुए। (फाइल फोटो)
बोरिस जानसन साबरमती आश्रम में चरखा चलाते हुए। (फाइल फोटो)

नई दिल्ली, एजेंसी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन आज से दो दिन के भारत दौरे पर अहमदाबाद पहुंचे हैं। जानकारी के अनुसार जानसन इसके बाद दिल्ली में कल पीएम मोदी से मिलेंगे। इस दौरान दोनों नेता यूके और भारत की रणनीतिक रक्षा, राजनयिक और आर्थिक साझेदारी पर चर्चा करेंगे।

साबरमती आश्रम में चलाया चरखा

प्रधानमंत्री बोरिस जानसन अहमदाबाद में आकर सबसे पहले साबरमती आश्रम पहुंचे हैं। वहीं इस मौके पर उन्होंने चरखा भी चलाया। बता दें कि यहां उन्हें महात्मा गांधी की शिष्या बनी मेडेलीन स्लेड उर्फ मीराबेन की आत्मकथा 'द स्पिरिट्स पिलग्रिमेज' साबरमती आश्रम द्वारा उपहार में दी जाएगी।

रूसी संबंधों के विकल्प की पेशकश करेंगे

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जानसन अपने इस दौरे में भारत को रूसी तेल और रक्षा उपकरणों पर निर्भरता में कटौती करने में मदद करने की पेशकश करेंगे। मुक्त व्यापार वार्ता के लिए जॉनसन की यात्रा पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात से शुरू होनी है, जहां वह एक ब्रिटिश फर्म द्वारा खोले जा रहे एक नए कारखाने का दौरा करेंगे और विज्ञान, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी में निवेश और सहयोग की घोषणा करेंगे।

7600 करोड़ से अधिक के निवेश की हो सकती घोषणा

इस सदी की शुरुआत में ब्रिटेन भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था, लेकिन पिछले साल वह 17वें स्थान पर खिसक गया है। भारत के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और संयुक्त अरब अमीरात हैं। जानसन सोफ्टवेयर इंजीनियरिंग से लेकर फार्मास्यूटिकल्स तक के क्षेत्रों में ब्रिटिश और भारतीय व्यवसायों द्वारा नए निवेश और निर्यात समझौतों की घोषणा कर सकते हैं जो कुल 7600 करोड़ से अधिक होगा।

भारत को और अधिक मिल सकते वीजा

बता दें कि ब्रिटिश पीएम ने अपने दौरे से पहले संकेत दिया है कि वह इस वर्ष एक मुक्त व्यापार समझौते के बदले भारत को और अधिक वीजा देने के लिए तैयार हैं, जो अरबों पाउंड से वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा दे सकता है।

एफटीए वार्ता को मिलेगी गति

बोरिस जानसन की आज भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत को गति मिलने की उम्मीद है। दोनों पक्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के इच्छुक हैं। भारत और यूके ने इस साल जनवरी में मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता शुरू की थी। सूत्रों ने कहा कि दोनों देशों ने पहले दो दौर की बातचीत में कुछ मुद्दों को सुलझा लिया है और तीसरे दौर की बातचीत में बाजार पहुंच से जुड़े कुछ प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।