'बॉर्डर के गांव अब अंतिम नहीं', विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम में बोले PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के प्रतिभागियों से संवाद किया, जिसमें उन्होंने सीमावर्ती गांवों को 'प्रथम गांव' बताया।

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में पीएम मोदी ने प्रतिभागियों से किया संवाद (फोटो-ANI)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को माय भारत मंच के माध्यम से आयोजित विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 के प्रतिभागियों और देश भर से जुड़े युवाओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधा संवाद किया। इस विशेष आयोजन में देशभर के 2,500 से ज्यादा जिलों के युवा जुड़े थे।
युवाओं के संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब देश के सीमावर्ती गांव समृद्ध और सशक्त होते हैं, तो इससे न केवल विकास की गति तेज होती है, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था भी और अधिक मजबूत बनती है। उन्होंने रेखांकित किया कि सीमांत क्षेत्रों के कायाकल्प में देश के युवाओं की सक्रिय भागीदारी ही विकसित भारत के निर्माण की मुख्य आधार बनेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिन सीमावर्ती गांवों को पहले अंतिम गांव मानकर उपेक्षित छोड़ दिया जाता था, वर्तमान सरकार उन्हें देश का प्रथम गांव मानती है। यह वही स्थान है जहां सूरज की पहली किरण भारत की धरती का अभिनंदन करती है।
उन्होंने बताया कि अब इन दूरदराज के क्षेत्रों में आजादी के बाद पहली बार बिजली, रसोई गैस, नल से शुद्ध जल और बेहतरीन इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के मजबूत होने से इन वीरान रहने वाले इलाकों में अब पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है और चहल-पहल बढ़ रही है।
संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने सोलो ट्रैवलिंग के बढ़ते चलन और उसके लाभ पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अकेले यात्रा करना खुद को समझकर पूरी दुनिया को जानने का एक बेहतरीन जरिया है। उन्होंने यात्रा से लौटी बेटियों के अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि देश के एक कोने से दूसरे कोने तक अकेले जाना भारत की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है। सरकार का मुख्य उद्देश्य देश के हर युवा और हर बेटी को आत्मनिर्भर, भरोसेमंद और सशक्त बनाता है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 का आयोजन 4 जून से 30 जून के बीच दो चरणों में किया गया था। इसके तहत एक राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज़ प्रतियोगिता के माध्यम से 3 लाख से अधिक आवेदकों में से 403 युवाओं का चयन किया गया था। इन प्रतिभागियों ने लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 सीमावर्ती गांवों का दौरा किया और वहां एक सप्ताह बिताया।
गांवों में प्रवास के दौरान युवाओं ने स्वच्छता अभियान, सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता, वृक्षारोपण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मिनी-मॉडल पंचायत सिमुलेशन और स्थानीय कारीगरों व रणनीतिक संस्थानों के साथ संवाद जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया।
हिमाचल प्रदेश के चांगो गांव का दौरा करने वाली वॉलेंटियर निकिता सोलंकी और अन्य प्रतिभागियों ने पीएम मोदी की सोलर एनर्जी पहल व स्थानीय आतिथ्य-सत्कार की प्रशंसा की। वहीं प्रतिभागी दिव्यांशु जोशी ने युवाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि Gen Z का मूल मंत्र नेशन फर्स्ट है।
सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए सरकार ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II लागू किया है, जिसके लिए 6,839 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। पहले चरण में 662 गांवों के विकास के बाद, अब दूसरे चरण में चीन, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार की सीमाओं से सटे 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 1,954 गांवों को विकसित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में पीएम मोदी ने कारगिल विजय दिवस को याद करते हुए युवाओं से अपील की कि वे अपने यात्रा अनुभवों को कम से कम 100 अन्य युवाओं के साथ साझा करें और स्थानीय उत्पादों का प्रचार-प्रसार करें।
