यशा माथुर। Boosting Your Immune System: कोविड 19 से लड़ने के लिए कई शहरों को लॉकडाउन किया जा चुका है। घर से काम करने, सार्वजनिक जगहों पर न जाने की हिदायतों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में यह बड़ा प्रश्न है कि घर में रहते हुए खुद को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएं, क्या न खाएं? किन चीजों से अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं और जुकाम-बुखार को करीब आने से कैसे रोकें?

कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए यदि आपने घर से काम करना शुरू कर दिया है या खुद को घर में अलग-थलग कर लिया है तो इस समय का सदुपयोग करें। दिनचर्या और खानपान को नियमित करते हुए न सिर्फ कोरोना के संक्रमण का खतरा कम कर सकते हैं, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर बीमारियों से दूरी बनाए रखना भी मुमकिन है। जानें क्‍या कहती है आहार एवं पोषण विशेषज्ञ डॉ. ईशी खोसला

क्या करें?

  • फलों और सब्जियों को अपने आहार में प्रमुखता से शामिल करें।
  • पाचन और रोगप्रतिरोधक क्षमता सीधे तौर पर जुड़ी है। हल्का-फुल्का खाना खाएं।
  • तुलसी, गिलोय, आंवला, हल्दी का इस्तेमाल करें। नीम का प्रयोग करें। तुलसी की चाय फायदेमंद है।
  • अच्छे फैट्स खाएं। देसी घी इम्यूनिटी के लिए बहुत अच्छा है। इस दौरान थोड़ा ज्यादा भी ले सकते हैं। कोकोनट ऑयल का सेवन भी लाभकारी है।
  • स्वास्थ के लिहाज से विटामिन डी, बी12, जिंक, आयरन, सेलेनियम जैसे पोषक तत्व अहम हैं। इनसे रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। विटामिन बी12 दूध से बने उत्पादों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जबकि जिंक, आयरन और सेलेनियम जैसे मिनरल्स के लिए हरी पत्तेदार सब्जियों, बीन्स और सूखे मेवों का सेवन करना चाहिए।
  • लहसुन एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत है। इसमें पाया जाने वाला एलिसीन नामक कंपाउंड इंफेक्शन से लड़ने, रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और फेफड़े स्वस्थ रखने में मदद करता है।

समय पर खाना खाएं, लेकिन कैलोरीज को लेकर भी सजग रहें, क्योंकि जब चलना-फिरना या शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं और एक्सरसाइज रूटीन फॉलो न हो सके तो खानेकी जरूरत कम हो जाती है। रोगों से लड़ने के लिए विटामिन सी बेहद जरूरी है। इसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थों के जरिए और सप्लीमेंट्स दोनों रूप में ले सकते हैं। खट्टे फलों जैसे नींबू, संतरा, मौसमी आदि में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

क्या न करें?

  • मांसाहार न करें।
  • धूमपान-शराब बिल्कुल छोड़ दें।
  • बाहर की तली-भुनी चीजें कम लें।
  • चाय-कॉफी केक-पेस्ट्री से परहेज करें।
  • अनाज थोड़ा कम कर दें। इससे आपका पाचन सही रहेगा। इसका सीधा प्रभाव आपको अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता पर देखने को मिलेगा।

उम्र के अनुरूप हो खान-पान

हमें अपना खान-पान उम्र के अनुसार सुनिश्चित करना चाहिए, क्योंकि प्रत्येक आयुवर्ग के लोगों की जरूरत अलग हो सकती हैं।

एक से 10 वर्ष

  • साफ-सफाई बनाए रखें।
  • उन्हें घर पर ही एक्टिव रखें।
  • कोला ड्रिंक, शुगर सिरप और बाजार के फ्रूट जूस भी न दें।
  • विटामिंस देने का ध्यान रखें। कोई सप्लीमेंट भी दे सकते हैं।
  • माता-पिता कैंडी, चॉकलेट्स जैसी मीठी चीजें खिलाकर उन्हें खुश न करें।
  • बच्चों को योगासन सिखाएं और उन्हें नियमित रूप से करने के लिए प्रेरित करें। सूर्य नमस्कार उन्हें योग के संपूर्ण लाभ दे सकता है। अच्छा हो कि आप इसे सपरिवार करें।

10 से 40 वर्ष तक

  • गरिष्ठ भोजन न करें। वह भी इम्यूनिटी बिगाड़ता है।
  • फाइबर से भरपूर भोजन करें। सप्ताह में एक दिन उपवास करें।
  • सूर्य नमस्कार के साथ ही फेफड़ों की मजबूती के लिए भ्रामरी प्राणायाम करें।
  • घर पर ही एक्सरसाइज करें। जो समय स्कूल-कॉलेज या ऑफिस आने-जाने में लगता था, उसका सदुपयोग व्यायाम में करें।
  • स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन घर पर ही बनाएं। इंटरनेट पर मनपसंद रेसिपीज देखकर र्कुंकग के शौक को पूरा करने के साथ ही स्वास्थ्य को भी बेहतर बना सकते हैं।

40 से 60 वर्ष

  • नियमित योग-व्यायाम जारी रखें।
  • डॉक्टर और डाइटीशियन के संपर्क में रहें।
  • दवाइयों को नियमपूर्वक लें। ब्लड प्रेशर व शुगर स्तर को जांचते रहें।

65 से ऊपर

  • रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए तरल डाइट ली जानी चाहिए।
  • इसके लिए तुलसी, सौंफ, इलायची और जीरे का पानी लें।
  • शरीर को डिटॉक्सीफाइड करने के लिए सब्जियों के जूस लें।
  • प्रोबायोटिक्स लें।
  • यदि आपको सूट करते हैं तो खमीर वाले पदार्थ जैसे, इडली, डोसा, कांजी आदि लें। चिकित्सक की सलाह पर योग करें।

 

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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