हावड़ा, जागरण संवाददाता। रुपये के अभाव में दीदी की मौत के तीन दिन बाद तक भाई ने उसके शव को घर में रखा। घटना के बारे में सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार करवाया।

घटना उलबेडि़या थाना अंतर्गत मयरापाड़ा ग्राम की है। मृतका की पहचान करवी धारा तौर पर हुई। वह अविवाहित थी। वह अपने भाई नीलकांत धारा के साथ रहती थी। नीलकांत धारा नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज में कार्यरत था। 1995 में उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। इसकी वजह से परिवार काफी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से करवी बेहद बीमार थीं। उसे इलाज के लिए उलबेडि़या महकमा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के क्रम में 24 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस से शव को उसके भाई नीलकांत धारा के हवाले कर दिया।

नीलकांत के पास दीदी के अंतिम संस्कार के लिए रुपये नहीं थे। इसीलिए शव तीन दिनों से घर में पड़ा था। इधर, तीन दिन बाद शव सड़ने की दुर्गंध से आसपास से लोग परेशान थे। स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसका अंतिम संस्कार करा दिया।

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Posted By: Tilak Raj

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