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'ब्रांड मोदी' के सहारे विपक्ष के चक्रव्यूह को तोड़ेगी भाजपा, 17 सितंबर से देश भर में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान

Published: Mon, 14 Sep 2026 09:30 PM (IST)

भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए 'ब्रांड मोदी' पर केंद्रित एक व्यापक रणनीति तैयार की है।

'ब्रांड मोदी' के सहारे विपक्ष के चक्रव्यूह को तोड़ेगी भाजपा। (रॉयटर्स)

'ब्रांड मोदी' के सहारे विपक्ष के चक्रव्यूह को तोड़ेगी भाजपा। (रॉयटर्स)

HighLights

  1. प्रधानमंत्री के जन्मदिन से 'सेवा संकल्प अभियान' की होगी शुरुआत।

  2. 'आशीर्वाद का दीया' से लाभार्थियों के साथ भावनात्मक जुड़ाव का प्रयास।

  3. 'आंगन का मिलन' कार्यक्रम से महिला मतदाताओं तक पहुंच बनाएगी भाजपा।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। 'अबकी बार मोदी सरकार...!' वर्ष 2014 में इस नारे के साथ भाजपा के 'पोस्टर ब्वॉय' बने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निर्विवाद रूप से आज भी भाजपा की आस और विश्वास बने हुए हैं।

विपक्ष जब इंटरनेट मीडिया पर नैरेटिव की लड़ाई में उन्हें घेरने और छवि प्रभावित करने के प्रयासों में जुटा है, उसी बीच भाजपा ने एक बार फिर 'ब्रांड मोदी' को लेकर ही गांव-गांव, गली-गली ले जाने के लिए कमर कस ली है।

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू हो रहे एक माह के सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रमों की रूपरेखा सिर्फ 12 कार्यक्रमों का आयोजन न होकर उस रणनीति को साफ दिखा रहा है कि कैसे विपक्ष के जातीय दांव-पेच और विमर्श के चक्रव्यूह को पार कर भाजपा ने देश के कोने-कोने में हर वर्ग से सीधे जुड़ाव का रोडमैप तैयार कर लिया है।

2027 के विधानसभा चुनावों में 'ब्रांड मोदी' के सहारे भाजपा

कुछ माह बाद यानी 2027 में सात राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, गुजरात, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं।

विपक्ष की तैयारी इन्हीं को लेकर सोशल मीडिया पर मुख्यत: दिखाई दे रही है, लेकिन भाजपा ने अपनी रणनीति को इन चुनावी राज्यों से आगे राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह तैयार किया है कि हर जगह विपक्ष के प्रत्येक दांव का सामना भाजपा के 'ब्रांड मोदी' से ही हो। इस रूपरेखा में प्रमुख आयोजन है 'आशीर्वाद का दीया'।

लाभार्थियों से भावनात्मक जुड़ाव की कोशिश

पार्टी का लक्ष्य है कि पीएम के जन्मदिन की संध्या पर देश के प्रत्येक बूथ की टीम को लेकर उस क्षेत्र के प्रत्येक घर में प्रधानमंत्री को आशीर्वाद के संदेश के साथ दीपक जलाया जाए। तय हुआ है कि केंद्र और राज्य सरकार के लाभार्थियों की सूची बूथ कार्यकर्ताओं को दी जाएगी। कार्यकर्ताओं का जिम्मा सौंपा जाएगा कि वह घर-घर जाकर उनसे दीप जलाने की अपील करेंगे।

यह सीधे भावनात्मक जुड़ाव का प्रयास है। इस तरह पार्टी अपने बूथ स्तर के संगठन को भी अच्छे से परख लेगी। बूथ से ऊपर की संरचना में शक्ति केंद्र है। एक केंद्र में तीन से पांच बूथ आते हैं। 'कहानी बदलाव की' कार्यक्रम का उद्देश्य भी लाभार्थी केंद्रित है।

विपक्ष के नैरेटिव को ध्वस्त करेगी बीजेपी

'भाजपा ने कुछ नहीं किया...' विपक्ष के सोशल मीडिया पर बनाए गए इस नैरेटिव को धरातल पर ध्वस्त करने की योजना से भाजपा ने तय किया है कि लाभार्थी खुद अपने जीवन में आए बदलाव की कहानी सुनाएंगे। हर शक्ति केंद्र से दस-दस रील इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर अपलोड करने का लक्ष्य दिया गया है।

चुनिंदा कहानियों को मुख्यमंत्री और मंत्री भी सोशल मीडिया पर साझा करेंगे। जनसंपर्क का प्रमुख आयोजन सेवा ज्योति यात्रा भी होगी, जो कि प्रत्येक जिले और गांव में निकालने का लक्ष्य रखा गया है।

'आंगन का मिलन' महिलाओं से संपर्क

महिलाओं की आधी आबादी है। बीते कई चुनावों से महिला मतदाताओं का रुख सत्ता का समीकरण तय कर रहा है। ऐसे में महिला संपर्क का आयोजन विस्तार से बनाया गया है। आंगन का मिलन नाम से तीन दिवसीय कार्यक्रम देश के 14 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों पर करने का लक्ष्य है। इसमें महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके जरिए भी पार्टी गांव-गांव, वार्ड-वार्ड पहुंचेगी।

साथ ही सेवा सेतु शिविर विधानसभा और ब्लाक स्तर पर लगाए जाने हैं। इनमें प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं के पात्र वंचितों को छांटकर सभी योजनाओं का लाभ दिलाकर पीएम मोदी के सुशासन का संदेश जमीन पर उतारने का है। इसके अलावा स्कूल-कालेजों और इनोवेशन के कार्यक्रमों से छात्र व युवा वर्ग से जुड़ाव बढ़ाने की भी रणनीति है।