'मतदाता सूचियों में मृत व्यक्तियों व डुप्लीकेट नामों को क्यों बरकरार रखना चाहती हैं कांग्रेस', भाजपा ने साधा निशाना
भाजपा ने कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पारित प्रस्ताव की आलोचना की ...और पढ़ें
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भाजपा ने कांग्रेस के चुनाव आयोग और मतदाता सूची संबंधी प्रस्ताव को नकारा।
HighLights
भाजपा ने कांग्रेस के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई।
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस को लोकतंत्र पर हमला बताया।
चुनाव आयोग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का मान है।
जागरण ब्यूरो,नई दिल्ली। कांग्रेस कार्यसमिति में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण (एसआइआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संबंध में पारित कि गए प्रस्ताव की भाजपा ने आलोचना की है।
कांग्रेस नेतृत्व द्वारा लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का उल्लेख किए जाने पर हैरत जताते हुए भाजपा महासचिव स्मृति ईरानी ने कहा कि जिस कांग्रेस पार्टी को ब्रिटिश साम्राज्य के संरक्षण के लिए बनाया गया था, वह आज भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है।
भाजपा महासचिव ने लाहौर कांग्रेस सत्र के उल्लेख पर राहुल को घेरते हुए कहा कि यदि कांग्रेस को इतिहास के पन्ने ही पलटने हैं तो एक और पन्ना जनता के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि यह ऐतिहासिक दस्तावेज है कि ब्रिटिश साम्राज्य के राजस्व सचिव रहे एओ ह्यूम ने वायसराय के साथ यह सुझाव साझा किया था कि यदि ब्रिटिश साम्राज्य का संरक्षण करना है तो कांग्रेस पार्टी का गठन करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के संस्थापक एओ ह्यूम ही हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने याद दिलाया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तो 2019 में ही कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि को खराब करने का भरसक प्रयास करेंगे।
वहीं, पीएम मोदी ने बार-बार कहा कि उन पर कटाक्ष करें, उन पर हमला करें, लेकिन कांग्रेस का यह हमला संवैधानिक संस्थाओं और भारत के लोकतंत्र पर हमले में तब्दील न हो।
इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व भारत की संवैधानिक व्यवस्थाओं को तार-तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि एक नागरिक होने के नाते मैं कहना चाहती हूं कि चुनाव आयोग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करता है और भारत के लोकतंत्र का मान है, जिसे विश्व के कई देशों ने सराहा है और कई देशों ने हमारी व्यवस्थाओं का सम्मान किया है। कांग्रेस को यह दुख है कि आज लोकतांत्रिक ढांचे में भारत की जनता उनका समर्थन नहीं करती।
अब प्रश्न यह उठता है कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक, जहां भाजपा की सरकारें नहीं हैं, क्या उन प्रदेशों में कांग्रेस का नेतृत्व चुनाव आयोग को क्लीन चिट दे रहा है? या उन प्रदेशों में भी चुनाव आयोग की गतिविधियों पर प्रश्न चिह्न लगा रहा है?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने आज उन 13 करोड़ 30 लाख नामों का उल्लेख किया, जिनके संदर्भ में 26 तारीख को चुनाव आयोग अपना बयान दे चुका है। मतदाता सूची में अगर किसी का नाम डुप्लीकेट हो या किसी मृत व्यक्ति का नाम हो, तो कांग्रेस क्यों चाहती है कि ऐसे नाम मतदाता सूची में फिर शामिल किए जाएं।
