'कांग्रेस के लिए दलित केवल राजनीतिक रोटी सेंकने का माध्यम', खरगे की हल्द्वानी रैली मामले में भाजपा का पलटवार
भाजपा ने हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद शुद्धिकरण को अनुसूचित जाति के अपमान से जोड़ने पर कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है।

भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी।
HighLights
भाजपा ने कांग्रेस पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी के शुद्धिकरण बयान पर भाजपा का तीखा पलटवार।
कांग्रेस दलितों को मात्र राजनीतिक फायदे के लिए उपयोग करती है।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। हल्द्वानी में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद शुद्धिकरण को अनूसूचित जाति के अपमान से जोड़ने के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कोशिश पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है।
भाजपा के प्रवक्ता गुरू प्रकाश पासवान ने कांग्रेस पर अनुसूचित जाति विरोधी और नव सामंती होने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने दलित को मात्र राजनीतिक रोटी सेंकने का माध्यम बनाया है।
भाजपा ने साफ किया रुख
भाजपा ने शुद्धिकरण करने वाले अनुसूचित जाति के दो लोगों का बयान दिखा कर साफ कर इस मामले में अनुसूचित जाति के अपमान का कोई केस ही नहीं बनता है। भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता ने घटना के 20 दिन बाद राहुल गांधी द्वारा इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का कोशिश पर भी सवाल उठाया।
गुरु प्रकाश पासवान ने भाजपा शासित राज्यों में अनूसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी समाज से आने वाले मुख्यमंत्रियों का हवाला देते हुए कांग्रेस शासित राज्यों में इन वर्गों से आने वाले मुख्यमंत्रियों की जानकारी देने को कहा। उन्होंने बाबा साहब अंबेडकर और जगजीवन राम के साथ कांग्रेस में हुए भेदभाव का हवाला देते हुए कहा कि आज भी कांग्रेस शासित राज्यों में अनुसूचित जाति के कांग्रेसी नेताओं के साथ ऐसा ही भेदभाव हो रहा है।
सुधांशु त्रिवेदी ने किया कांग्रेस का घेराव
वहीं सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि किस तरह से अनुच्छेद 370 हटने के पहले तक जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जाति का युवा के लिए सिर्फ सफाई कर्मचारी बनने का विकल्प था, चाहे वह पीएचडी क्यों न कर रखा हो। उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों में दलितों के खिलाफ मुस्लिम समाज के अत्याधार के मामलों में कांग्रेस की चुप्पी के कई उदाहरण गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस ऐसे मामलों में वोटबैंक के तराजू पर तौलने के बाद फैसला लेती है।
त्रिवेदी ने मोदी सरकार के दौरान अनूसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को सर्वोच्च स्थान पर बिठाने, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा खुद अनुसूचित जाति के लोगों के के पैर धोने और समाज में उन्हें सम्मान दिलाने के लिए शुरू की गई योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा हमेशा "जातियों के बीच सामंजस्य के साथ समाधान निकालने की कोशिश करते हैं, वहीं कांग्रेस जातियों में वैमनस्य फैलाकर घमासान करने की कोशिश करती है।
