जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कोयला घोटाले की गुम फाइलों पर विपक्ष ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्पष्टीकरण की मांग की है। प्रधानमंत्री की ओर से खुद को फाइलों का रखवाला नहीं कहे जाने के बाद विपक्ष ने फिर से मामले को उठाते हुए संसद में उनकी ओर से सफाई मांगी है। राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने मामले को उठाते हुए कहा कि कोयला ब्लॉक आवंटन में हुआ घपला भारत के इतिहास का बड़ा घोटाला है।

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जावड़ेकर का कहना था कि प्रधानमंत्री भले ही कहें कि वह फाइलों के रखवाले नहीं हैं, लेकिन हमारी नजर में वह फाइलों ही नहीं देश के भी रखवाले हैं। अपने कार्यकाल के दौरान हुए इस मामले पर उन्हें जवाब देना चाहिए। भाजपा सांसद ने सवाल उठाए कि गुम फाइलों पर अभी तक एफआइआर दर्ज क्यों नहीं की गई। उन्होंने गायब फाइलों के मामले की जांच के लिए कोयला मंत्रालय में बनी अधिकारियों की जांच समिति को भी लीपापोती की कोशिश करार दिया।

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जावड़ेकर के उठाए मामले का समर्थन करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'यह सही है कि सदन में उठे सवालों पर जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री आए थे, लेकिन कार्यवाही न चल पाने के कारण उनका बयान नहीं हो पाया। ऐसे में बेहतर होगा कि वह सदन में आकर स्थिति स्पष्ट करें।'

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