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'सच सामने आ गया', वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर कोई मतभेद नहीं; EC की सफाई पर बीजेपी का बयान

Published: Sat, 26 Sep 2026 08:51 PM (IST)Updated: Sat, 26 Sep 2026 08:54 PM (IST)

भारत के चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर स्पष्ट किया कि सभी फैसले मुख्य चुनाव ...और पढ़ें

EC की सफाई पर बीजेपी का बयान।

EC की सफाई पर बीजेपी का बयान।

HighLights

  1. चुनाव आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर पूर्ण सहमति की पुष्टि की।

  2. भाजपा ने ECI के बयान का समर्थन किया, मतभेद के आरोपों को खारिज किया।

  3. सुप्रीम कोर्ट ने भी SIR प्रक्रिया को अपने आदेश में सही ठहराया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। SIR विवाद पर भारत के चुनाव आयोग के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि ECI के बयान से साफ हो गया कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) का फैसला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्तों की पूरी सहमति से लिया गया था।

चुनाव आयोग के बयान में कहा गया कि हाल के महीनों में, आयोग ने देश भर में SIR समेत कई फैसले लिए हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का आदेश, जिसकी शुरुआत बिहार से हुई, उसके बाद पश्चिन बंगाल और 30 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था।

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने भी 27 मई 2026 को अपने आदेश में इसे सही ठहराया है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का शेड्यूल 27 अक्तूबर 2025 को और 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 14 मई 2026 को आयोग की सर्वसम्मति मंजूरी से जारी किया गया था। तीसरे चरण के बचे हुए 12 राज्यों में अंतिम प्रकाशन के बाद ही वोटरों की संख्या का अंतिम आंकड़ा पता चलेगा।

ECI का जवाब और संबित पात्रा की टिप्पणी SIR प्रक्रिया को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आई है। यह विवाद 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ था, जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में वोटर लिस्ट में बदलाव की प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।

SIR तीनों आयुक्तों के हस्ताक्षर और पूरी सहमति से किया गया- संबित

BJP सांसद संबित पात्रा ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि ECI के पत्र से अब यह साफ हो गया है कि SIR तीनों आयुक्तों के हस्ताक्षर और पूरी सहमति से किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने SIR के पक्ष में फैसला सुनाया। चुनाव आयोग द्वारा आज जारी सार्वजनिक बयान के आखिरी पन्ने पर एक तस्वीर है जिसमें तीनों आयुक्त एक साथ बैठे हुए दिख रहे हैं।

चुनाव आयोग पर जो हमले हो रहे थे, उनके बारे में आज सच साफ तौर पर सामने आ गया है। पात्रा ने BJP और ECI के बीच मिलीभगत का आरोप लगाने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष की भी आलोचना की।

चुनाव आयोग के बयान ने कांग्रेस और राहुल के झूठ की पोल खोल दी: भाजपा

भाजपा ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग के ताजा बयान ने एसआइआर मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल गांधी के झूठ और दुष्प्रचार की पोल खोल दी है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी झूठ बोल रहे थे और दुष्प्रचार कर रहे थे। वह एक गंभीर राजनेता नहीं हैं।

निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित सभी आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बाद जारी किए गए थे और फार्म छह में बदलाव को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। फार्म छह के माध्यम से मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाते हैं।

इस मामले पर टिप्पणी करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मीडिया में आई तथ्यात्मक रूप से गलत एक खबर के आधार पर विपक्ष, विशेष रूप से राहुल गांधी, निराधार व बेशर्मी भरे आरोप लगा रहे थे। प्रसाद ने दूसरे विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें आयोग पर निराधार आरोप लगाने के बजाय चुनाव जीतने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)