यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'तुम्हारे पास कपड़े, जूते और मोबाइल हमारी वजह से है', बीजेपी विधायक ने भरे मंच से किसे दी धमकी?
बीजेपी विधायक बबनराव लोनीकर ने एक सभा में विवादित टिप्पणी कर दी। मामले पर विपक्ष के नेताओं ने पलटवार किया ...और पढ़ें

बीजेपी विधायक बबनराव लोनीकर की विवादित टिप्पणी
छत्रपति संभाजीनगर, पीटीआई। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक बबनराव लोनीकर ने एक सभा में विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि जो लोग उनकी पार्टी की आलोचना करते हैं, उन्हें ये पता होना चाहिए कि उनको कपड़े, जूते, मोबाइल, आर्थिक योजनाओं का लाभ और बुवाई के लिए पैसे हमारी वजह से मिलते हैं।
मध्य महाराष्ट्र के जालना जिले में अपने विधानसभा क्षेत्र परतुर में हर घर सोलर योजना पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व राज्य मंत्री ने बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की योजना के बारे में बताया और पार्टी की आलोचना करने वालों पर जमकर निशाना साधा। इसी कार्यक्रम के दौरान लोनीकर ने ये विवादित बयान दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और विपक्ष ने इस पर पलटवार भी किया।
क्या कहा बबनराव लोनीकर ने?
उन्होंने कहा, "कुछ लोग और खासकर युवा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमारी और हमारी पार्टी की आलोचना करते हैं। हमने आपके गांव में ओवरहेड वाटर टैंक, कंक्रीट की सड़कें, समारोह हॉल और कई सरकारी योजनाओं का लाभ दिया है।"
इस दौरान विधायक को वायरल वीडियो में कहते हुए सुना सकता है, "बबनराव लोनीकर ने हमारी आलोचना करने वालों की माताओं को वेतन दिया और उनके पिताओं के लिए पेंशन भी स्वीकृत की। (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी ने आपके पिता को बुवाई के लिए 6 हजार रुपये दिए। आपकी बहन लाड़की बहिन योजना का फायदा उठा रही है। आपके पास जो कपड़े, जूते और मोबाइल फोन हैं, वो सब हमारी वजह से हैं।"
विपक्ष ने किया पलटवार
बीजेपी विधायक की बेतुकी टिप्पणी पर पलटवार करते हुए शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी और विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि वो ब्रिटिशों का स्वदेशी संस्करण हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखते हुए कहा, "आपका विधायक का दर्जा लोगों की वजह से है। आपके कपड़े, जूते, हवाई टिकट, लीडरशिप पोजिशन और आपकी कार में डीजल भी लोगों की वजह से ही है।" अंबादास ने आगे कहा, "लोगों को इन शब्दों को याद रखना चाहिए। चुनाव आ रहे हैं।"
