नई दिल्ली, जेएनएन। उत्तर पूर्व में असम राइफल्स में कार्यरत एक मेजर जनरल को एक अन्य सेवारत अधिकारी से यौन उत्पीड़न के मामले में बिना पेंशन के बर्खास्त कर दिया गया है। मेजर जनरल आरएस जसवाल के खिलाफ कोर्ट मार्शल की पुष्टि सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने की, भले ही जुलाई में ही सेना प्रमुख ने आदेश दिए गए थे। सेना के अधिकारियों ने बताया कि अधिकारियों ने 2 कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एमजेएस काहलों द्वारा शुक्रवार को अंबाला में मेजर जनरल को सूचित किया।

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ज्ञात हो कि पिछले साल दिसंबर में भी भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी को यौन शोषण का आरोपी पाए जाने के बाद उसका कोर्ट मार्शल कर दिया गया था। यौन शोषण का मामला 2 साल पुराना था। जिस मेजर जनरल का कोर्ट मार्शल किया गया था। उसने सेना के कई अहम ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई थी। आरोपी अफसर को आईपीसी की धारा 354ए और आर्मी एक्ट 45 के तहत दोषी पाया गया था।

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मेजर जनरल के खिलाफ एक महिला अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। महिला अधिकारी ने बताया था कि  दो साल पहले मेजर जनरल जसवाल ने कोहिमा में उसे अपने कमरे में बुलाया और उसके साथ छेड़छाड़ की थी। इसके बाद सेना ने कार्रवाई करते हुए आरोपी मेजर जनरल के खिलाफ एक जांच समिति बनाई और फिर कोर्ट मार्शल का फैसला किया। 

Posted By: Ayushi Tyagi