फ्रैंकफर्ट, रायटर। जर्मन जैव प्रौद्योगिकी कंपनी बायोएनटेक (BioNTech) ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका में सामने आए कोरोना वायरस के नए वैरिएंट 'ओमीक्रोन (Omicron)' के दो हफ्ते के आंकड़ों के आधार पर अपनी वैक्सीन में बदलाव पर फैसला करेगी। इस नए वैरिएंट को डेल्टा से भी संक्रामक और खतरनाक माना जा रहा है। बायोएनटेक ने अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर के साथ मिलकर कोरोना रोधी वैक्सीन (Vaccine) विकसित की है, जिसका यूरोपीय संघ के देशों और अमेरिका समेत कई देशों में बड़े पैमाने पर टीकाकरण में इस्तेमाल किया जा रहा है।

नए वैरिएंट से संक्रमण को रोकने के लिए वैक्सीन में होगा बदलाव

बायोएनटेक ने कहा कि वह विशेषज्ञों की चिंताओं को समझती है और नए वैरिएंट बी.1.1.529 पर तत्काल जांच शुरू कर दी है। दो हफ्ते में इस वैरिएंट के संबंध में जांच के लिए और आंकड़े मिलने की उम्मीद है। इन आंकड़ों से पता चलेगा कि क्या यह मौजूदा वैक्सीन को चकमा दे सकता है। इसके बाद कंपनी यह देखेगी कि उसे अपनी वैक्सीन में बदलाव करने की जरूरत है या नहीं।

डेल्टा वैरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक है नया स्ट्रेन 

भारत समेत विश्व के कई देशों में भीषण तबाही मचाने वाले कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट से भी ज्यादा खतरनाक बताए जाने वाले नए वैरिएंट को लेकर डब्ल्यूएचओ की सलाहकार समिति (TAG) की शुक्रवार को बैठक हुई। संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी डब्ल्यूएचओ ने इसे 'वायरस आफ कंसर्न' के रूप में वर्गीकृत किया है और ओमीक्रोन नाम दिया है। इस श्रेणी के वायरस को अत्यधिक संक्रामक माना जाता है। डेल्टा वैरिएंट को भी इसी श्रेणी में रखा गया था। इस वैरिएंट के सामने आने से पहले ही ब्रिटेन, जर्मनी और रूस समेत यूरोप और अन्य क्षेत्रों के कई देशों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे थे। रूस में तो इस महामारी के चलते रिकार्ड संख्या में लोगों की मौतें भी हो रही थीं।

Edited By: Monika Minal