काठमांडू, एएनआइ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल की खाड़ी पर निर्भर देशों के संगठन बिम्सटेक की बैठक में भाग लेने के सिलसिले में नेपाल की राजधानी काठमांडू की यात्रा पर हैं। ‘शांतिपूर्ण समृद्धि और सतत बंगाल की खाड़ी’ विषय पर आयोजित बिम्सटेक के दो दिवसीय चौथे शिखर सम्मेलन का आज दूसरा और अंतिम दिन है। आज इसका समापन समारोह है। इस अवसर पर बिम्सटेक का साझा घोषणापत्र भी जारी किया जाएगा। इसमें आतंकवाद और पाकिस्तान का नाम शामिल किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन अन्‍य देशों के नेताओं से मिल रहे हैं। पीएम मोदी ने थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा से मुलाकात की।

पहले दिन बोले पीएम मोदी- भारत अहम मोर्चों पर काम करने को प्रतिबद्ध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि भारत बिम्सटेक सदस्य देशों के साथ सभी अहम मोर्चों पर काम करने को प्रतिबद्ध है। साथ ही वह आतंकवाद और नशीले पदार्थो की तस्करी को खत्म करने के लिए भी मोर्चा लेगा। चौथे बिम्सटेक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में गुरुवार को मोदी ने कहा कि मेरा मानना है कि संपर्क बढ़ाने का बड़ा मौका है। व्यापारिक संपर्क, आर्थिक संपर्क, परिवहन संपर्क, डिजिटल संपर्क और जनता से जनता का संपर्क बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बिम्सटेक के सदस्य देशों के साथ काम करने को प्रतिबद्ध है। इससे क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा। यह क्षेत्र भारत के 'नेबरहुड फ‌र्स्ट' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों के मिलाप का बिंदु बन जाएगा। बंगाल की खाड़ी हम सब की सुरक्षा और विकास के लिए खास महत्व रखती है।

बिम्सटेक भारत समेत सात देशों का एक क्षेत्रीय समूह

गौरतलब है कि बिम्सटेक भारत समेत सात देशों का एक क्षेत्रीय समूह है। इसमें अन्य सदस्य बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल हैं। इस समूह के देशों की कुल आबादी वैश्विक आबादी का 22 फीसद है। इसका कुल घरेलू उत्पादन 2.8 लाख करोड़ डॉलर (करीब 196 लाख करोड़ रुपये) है।

Posted By: Tilak Raj