विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'गलत हाथों में एआई से 100 करोड़ लोगों को खतरा', बिल गेट्स ने अमेरिका से की सख्त कानून बनाने की मांग

Published: Mon, 28 Sep 2026 03:50 AM (IST)

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने चेतावनी दी है कि गलत इरादे वाले लोगों के हाथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ...और पढ़ें

AI को लेकर बिल गेट्स ने दी चेतावनी

AI को लेकर बिल गेट्स ने दी चेतावनी

HighLights

  1. बिल गेट्स ने गलत हाथों में एआई से बड़े खतरे की चेतावनी दी।

  2. उन्नत एआई 100 करोड़ लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकता है।

  3. गेट्स ने एआई के लिए सख्त सरकारी नियमों की मांग की।

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने चेतावनी दी है कि गलत इरादे वाले लोगों के हाथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि उन्नत एआई का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान का कारण बन सकता है और इसकी चपेट में 100 करोड़ लोगों तक का जीवन आ सकता है। गेट्स ने अमेरिकी सरकार से एआई के विकास और इस्तेमाल के लिए सख्त नियम बनाने की मांग की है।

उनका कहना है कि केवल एआई कंपनियों के आत्मनियमन के भरोसे इस तकनीक को सुरक्षित रखना संभव नहीं है।

एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में गेट्स ने कहा कि एआई की ताकत का अंदाजा लगाना अभी मुश्किल है। उनके मुताबिक, बुरे इरादे वाले लोगों के साथ अत्याधुनिक एआई का मेल ऐसा खतरा पैदा कर सकता है, जैसा अब तक किसी हथियार से नहीं देखा गया।

उन्होंने सरकारों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को एआई सुरक्षा से जुड़ी चर्चा में शामिल करने पर जोर दिया।

गेट्स के मुताबिक, एआई को सुरक्षित रखने के लिए कंपनियों के साथ सरकारों की भूमिका भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपायों और निगरानी की स्पष्ट व्यवस्था बनाने के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों और नीति निर्माताओं को साथ आना होगा।

उनके अनुसार, इससे एआई उद्योग पर कुछ अतिरिक्त जिम्मेदारी जरूर आएगी, लेकिन इसके कारण तकनीकी विकास की रफ्तार में बड़ी कमी नहीं आएगी।उन्होंने एआई सिस्टम में ‘किल स्विच’ जैसी व्यवस्था का भी समर्थन किया। इससे गंभीर खतरा पैदा होने पर किसी सिस्टम को तुरंत बंद किया जा सकेगा।

हालांकि, गेट्स ने कहा कि केवल किल स्विच पर्याप्त नहीं होगा और इसके साथ कई दूसरे सुरक्षा उपाय भी जरूरी हैं।

बेकाबू एआई को लेकर चीन में बेचैनी क्यों नहीं?

एआई के बेलगाम होने की आशंकाओं के चलते एक तरफ जहां अमेरिकी एआई विज्ञानियों की नींद उड़ी हुई है, वहीं चीन पर इसका कहीं कोई असर नहीं दिख रहा है।

विशेषज्ञों को लगने लगा है कि एआई इतना भी उन्नत न हो जाए कि इंसान इन्हें वैश्विक ड्रोन युद्ध या परमाणु बम का हमला करने से न रोक पाए। चीन का मामला इससे अलग है। वहां किसी भी खतरे का एक ही समाधान देखा जाता है, प्लग खींच लिया जाए और इंटरनेट ब्लैकआउट घोषित कर दिया जाए और खुराफाती एआई के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना काल में चीन सरकार की कार्यप्रणाली देखी जा चुकी है। उन्होंने समूचे शहरों को लॉक कर दिया था और लाखों नागरिकों की ट्रैकिंग करके अपनी क्षमता साबित कर दी। वे तत्काल समूचे शहर के ग्रिड को कट-आफ कर सकते हैं।

वे लोगों तक पहुंचकर उनके फोन छीन सकते हैं। एआई विशेषज्ञ अफ्रा वांग कहती हैं कि लोगों पर इस स्तर का नियंत्रण चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को आत्मविश्वास देता है कि कंप्यूटर में रहनेवाला एआई उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।