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'एडवास्ड AI की रफ्तार धीमी करने में ही इंसानियत की भलाई', बिल गेट्स का चौंकाने वाला यू-टर्न

Published: Tue, 15 Sep 2026 08:23 PM (IST)

बिल गेट्स ने एडवांस्ड AI के विकास की गति धीमी करने का समर्थन किया है, यह कहते हुए कि इससे इंसानियत का भला होगा।

एडवास्ड AI की रफ्तार धीमी करने में ही इंसानियत की भलाई। (रॉयटर्स)

एडवास्ड AI की रफ्तार धीमी करने में ही इंसानियत की भलाई। (रॉयटर्स)

HighLights

  1. बिल गेट्स ने एडवांस्ड AI के विकास की गति धीमी करने का समर्थन किया।

  2. उन्होंने चेताया कि AI का प्रभाव अन्य तकनीकों से बहुत अलग होगा।

  3. तेजी से हो रहे AI बदलावों के लिए दुनिया को तैयार रहने की जरूरत।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिल गेट्स उन बड़े नामों की बढ़ती लिस्ट में शामिल हो गए हैं जो टेक और AI की दुनिया में जाने-माने हैं और इस बात पर सहमत हुए हैं कि एडवांस्ड AI के डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी करने से इंसानियत का भला होगा।

बिल गेट्स, जिन्होंने पर्सनल कंप्यूटिंग की शुरुआत में मदद की थी, उन्होंने इसे चौंकाने वाला कहा कि वे खुद, जो हमेशा से इनोवेशन के समर्थक रहे हैं, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के डेवलपमेंट को धीमा करने का समर्थन कर रहे हैं।

वे टेक और AI की दुनिया के उन बड़े नामों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं जो हाल ही में इस बात पर सहमत हुए हैं कि एडवांस्ड AI के डेवलेपमेंट की रफ्तार धीमी करने से इंसानियत का भला होगा।

AI के असर को मैनेज करना उतना आसान नहीं- बिल गेट्स

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, बिल गेट्स ने कहा कि AI एक बहुत ही अनोखी टेक्नोलॉजी है। मैं उन लोगों को सावधान करना चाहता हूं जो सोचते हैं कि AI के असर को मैनेज करना उतना ही आसान होगा जितना दूसरी टेक्नोलॉजी को मैनेज करना रहा है। जिसमें वे टेक्नोलॉजी भी शामिल है जिनसे मैं अपने माइक्रोसॉफ्ट करियर के दौरान गहराई से जुड़ा था, जैसे पर्सनल कंप्यूटर और इंटरनेट। यह बहुत अलग है, यह बहुत गहरा असर डालने वाली चीज है।

AI इस दशक के आखिर तक हम सबको खत्म कर सकता है- बिलाल चुगताई

बिल गेट्स जैसी राय रखने वालों में OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन, SpeceX और AI से जुड़े एलन मस्क और रिसर्चर जैसे कि एंथ्रोपिक के पूर्व कर्मचारी जैकब कॉक्सन और गूगल डीपमाइंड के पूर्व कर्मचारी बिलाल चुगताई शामिल हैं। इन दोनों ने पिछले हफ्ते कहा था कि AI इस दशक के आखिर तक हम सबको खत्म कर सकता है।

AI इतना स्मार्ट हो गया है कि खतरनाक साबित हो सके- बिल गेट्स

माइक्रो-कंप्यूटर क्रांति के अगुआ, जिन्होंने 1975 में अपने पुराने दोस्त पॉल एलन के साथ मिलकर माइक्रोसॉफ्ट की शुरुआत की थी, उसने इस चिंता को माना कि क्या AI अब इतना स्मार्ट हो गया है कि खतरनाक साबित हो सके।

बिल गेट्स की ये बातें ऐसे समय में आई हैं जब गेट्स फाउंडेशन की 10वीं सालना 'गोलकीपर्स रिपोर्ट' में कहा गया है कि AI एक बड़ा बराबरी लाने वाला जरिया बन सकता है, लेकिन तभी जब इसे खास तौर पर उन लोगों के फायदे के लिए बनाया जाए जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।

तेजी से हो रहे बदलाव के लिए तैयार होने की जरूरत- गेट्स

AI की बदलती खूबियों और खुद को बेहतर बनाने की उसकी तेज रफ्तार का जिक्र करते हुए, बिल गेट्स ने संकेत दिया कि वे इस सच्चाई को मानने की ओर झुके हैं कि दुनिया AI के इतने तेज डेवलपमेंट और उसके नतीजे को समझे बिना उसे अपनाने के लिए तैयार नहीं है।

गेट्स ने कहा कि मेरे लिए यह बात बहुत हैरान करने वाली है कि अहम हम चीजों की रफ्तार धीमी कर सकें, तो हमें इस पर विचार करना चाहिए, क्योंकि हमें इतने तेजी से हो रहे बदलाव के लिए तैयार होने की जरूरत है। मैंने अपनी पूरी जिंदगी इनोवेशन को बढ़ावा दिया है।