नई दिल्ली (एएनआई)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिहार सरकार को एक रेप पीड़िता को 10 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया, जिसे पटना उच्च न्यायालय ने गर्भपात कराने की इजाजत देने से मना कर दिया था। बता दें कि, पटना उच्च न्यायालय के द्वारा गर्भपात की इजाजत ना मिलने पर रेप पीड़िता ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

महिला सड़कों पर रह रही थी, जब उसे एक आश्रयगृह में ले जाया गया तब वहां उसके गर्भ का पता चला। लेकिन चूंकि उसने गर्भावस्था की 20 सप्ताह पूरे कर चुके थे तब उसने पटना उच्च न्यायालय से गर्भपात की इजाजत मांगी थी। भारतीय कानून के अनुसार, 20 सप्ताह के गर्भ के बाद गर्भपात करना गैरकानूनी है।

इससे पहले जुलाई में सर्वोच्च न्यायालय ने 10 साल के रेप पीड़िता की गर्भपात की अर्जी ठुकरा दी थी जिसमें उसे 32 सप्ताह का गर्भ था।

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By Srishti Verma