वडोदरा,एएनआई। गुजरात के नवसारी जिले की 43 वर्षीय एनआरआई भारुलता ने सफलतापूर्वक यूके से भारत तक की यात्रा अकेले कार से तय करने का कारनामा किया है। इस मौके पर भारुलता ने कहा कि मेरा मिशन बालिकाओं के लिए काम करने का है। उन्होंने आगे कहा कि वह दुनिया को दिखाना चाहती थी कि ऐसा कोई काम नहीं है जो महिलाएं नहीं कर सकती।

'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का दिया संदेश
अपनी इस यात्रा में भारुलता ने 32 देशों का दौरा किया। उन्होंने 57 दिनों में यह यात्रा पूरी कर ली। यूनाइटेड किंगडम से भारत तक की यात्रा में उन्होंने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का संदेश दिया। इस मौके पर कांबले ने कहा, 'इस सोलो ड्राइव के माध्यम से मैं दुनिया के 32 देश के लोगों से जुड़ी और उनसे मैंने अपने गृहनगर नवसारी में मॉडर्न अस्पताल स्थापित करने के लिए फंड इकट्ठा किया।'

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ऐसा करने वाली दुनिया की पहली महिला बनी भारुलता
बताया जा रहा है कि भारुलता दुनिया की पहली ऐसी महिला हैं, जिन्होंने केवल 57 दिनों में इतने देशों का दौरा किया है। वह 32 देशों की यात्रा कर 8 नवंबर को मणिपुर की मोरेह पोस्ट पर पहुंची थीं। इस यात्रा में उन्होंने 32000 किलोमीटर का सफर तय किया। कांबले इस दौरान 9 पर्वत श्रृंखलाओं, तीन बड़े रेगिस्तान और दो महाद्वीपों से होकर गुजरीं। उनके इस सफर में 5000 किलोमीटर की पहाड़ी यात्रा भी शामिल है, जिसमें उन्होंने 3700-4000 मीटर की ऊंचाई पर अपनी कार चलाई। इस यात्रा को गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा।

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Posted By: Rahul Sharma