जामताड़ा [प्रमोद चौधरी]। हेलो, आप...बोल रहे हैं। जी हां आप कौन। जी मैं बैंक से बोल रही हूं। मैनेजर सर बात करेंगे। हां हेलो, आपका एटीएम कुछ तकनीकी कारणों से अचानक बंद किया जा रहा है। इसे चालू रखना है तो तत्काल अपना कोड और एटीएम के पीछे लिखा सोलह डिजिट का नंबर बताएं।

अब यदि आप घबरा गए और अपना कोड बता दिया तो लुटना तय है। साइबर अपराधी आपके खाते में नंबर मिलते ही सेंध लगाकर रकम निकाल लेंगे।

अब जान लीजिए कि एक से एक पढ़े लिखे लोगों को चूना लगाने का काम न तो हाईटेक शहर दिल्ली में हो रहा है न ही मुंबई में। ज्यादातर मामलों के तार झारखंड के छोटे से शहर जामताड़ा के एक गांव करमाटांड़ से जुड़े हैं। इस शहर में 127 जिलों की पुलिस साइबर अपराधियों की तलाश में दस्तक दे चुकी है। यहां क्या पुरुष क्या महिलाएं और क्या बच्चे, इनको इस अपराध में महारत हासिल किए हैं। और तो और इस अपराध का यहां प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

पुरुष ही नहीं महिलाओं की भी इस अपराध में बादशाहत
जामताड़ा के पुरुषों ने ही नहीं महिलाओं ने भी इस अपराध मेंं अपनी धमक दिखा दी है। हाल में पिंकी नामक महिला साइबर अपराधी की गिरफ्तारी से यह बात साफ हो गई है। साइबर क्राइम के गढ़ के रूप में शोहरत पा रहे जामताड़ा में अब तक 17 राज्यों की पुलिस धमक चुकी है। कई अपराधी भी यहां से गिरफ्तार हुए हैं।

साइबर अपराध का गढ़ बनने की कहानी
जामताड़ा बेहद पिछड़ा जिला है। उद्योगों का यहां नामोनिशान नहीं है। नतीजतन लोगों ने रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन शुरू किया। वर्ष 2010-11 में जब मोबाइल का उपयोग शुरू हुआ तो रोजी-रोटी के लिए गुजरात, मुंबई, दिल्ली जैसे शहरों में गए कई युवकों को साइबर अपराध भा गया। इनमें से कई ने वहां इस अपराध की बारीकियां सीखीं। वहां से साइबर अपराध के मास्टर बनकर लौटे युवकों ने जामताड़ा को इस अपराध का गढ़ बनाया। घर बैठे ठगी के इस धंधे में खूब पैसा था। इसलिए गरीबी से परेशान कई युवा इस ओर उन्मुख हो गए। साइबर अपराधी लोक-लाज भूलकर अपने घर में अपनों को भी ठगी का प्रशिक्षण दे रहे हैं। पहला साइबर अपराध करमाटांड़ थाने में 10 जनवरी वर्ष 2013 को कांड संख्या 145/13 के तहत अंकित हुआ।

अब तक देश के कई कई राज्यों की पुलिस दे चुकी दबिश
यूपी, एमपी, छत्तीसगढ़, बिहार, प. बंगाल, ओडिशा, दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, असम, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, नागालैंड, अंडमान निकोबार, केरल की पुलिस साइबर मामलों के अनुसंधान के लिए जामताड़ा में दबिश दे चुकी है।

ये हैं साइबर क्राइम के मास्टरमाइंड
केस-1
एक करोड़ उड़ानेवाला प्रशांत
एसपी डॉ. जया राय ने साइबर क्राइम के गढ़ करमाटांड़ के झिलुवा गांव से प्रशांत मंडल को गत वर्ष गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि वह एक करोड़ की रकम पर इस अपराध के दम पर हाथ साफ कर चुका है। विजय मंडल नामक साइबर अपराधी ने उसे इसके गुर सिखाए।



केस-2
पहली बार पुलिस ने महिला को दबोचा
साइबर अपराध में पहली बार पिंकी नामक महिला नवंबर में पुलिस के हत्थे चढ़ी। पिंकी का पति भी साइबर ठगी करता है। उसने ही पिंकी को दिल्ली ले जाकर साइबर अपराध के गुर सिखाए। बाद में पिंकी ने पति को छोड़कर अपने भाई के साथ घर से ही ठगी का यह धंधा शुरू कर दिया। पुलिस ने अब तक एक दर्जन महिलाओं की साइबर अपराधियों के रूप में पहचान की है। जो नारायणपुर व करमाटांड़ के विभिन्न गांवों में घर से साइबर अपराध कर ठगी में लगी हैं।

केस- 3
कपड़ा कारोबार की आड़ में साइबर अपराध
नावाडीह से बीते वर्ष पुलिस ने सलीम अंसारी नामक एक कपड़ा व्यवसायी को पकड़ा। उसे दिल्ली पुलिस तलाश करती पहुंची थी। उसने लोगों के खातों से करीब तीस लाख की रकम साफ कर दी थी।



केस-4
विक्की मंडल करोड़पति साइबर अपराधी
जामताड़ा के करमाटांड़ से विक्की मंडल नामक करोड़पति साइबर अपराधी भी दबोचा जा चुका है। उसकी निशानदेही पर दो महंगी कार समेत 25 लाख रुपये की अवैध संपत्ति पुलिस ने जब्त की।

ऐसे करें ठगों से बचाव
- कभी भी अपना एटीएम नंबर व पासवर्ड किसी को भी नहीं बताएं।
- यदि कोई अपने को बैंक अधिकारी बताकर भी एटीएम पासवर्ड जानने की कोशिश करे तो भी जानकारी नहीं दें। क्योंकि कोई बैंक अपने खाताधारकों को जानकारी लेने के लिए फोन नहीं करता।
- ऐसी कॉल आने पर पुलिस व बैंक प्रबंधन को सूचित करें।
- जिन एटीएम में गार्ड नहीं हो वहां पैसा निकासी से परहेज करें।
- यदि किसी ने बरगलाकर आपसे जरूरी जानकारी लेकर ऑनलाइन खरीदारी करनी शुरू कर दी है तो उसका मैसेज आते ही टोलफ्री नंबर पर सूचना करें। यह नंबर 1800112211 है।
-अगर आपके खाते से राशि उड़ा ली गई है तो चार-छह घंटे के अंदर ही पुलिस को सूचित करें। बारह घंटे के अंदर उड़ाई गई राशि आपको वापस मिल सकती है। 24 घंटे बीतने पर राशि वापसी की गुंजाइश खत्म हो जाती है।

साइबर अपराधियों के खिलाफ मिशन मोड में हो रहा ऑपरेशन
जामताड़ा एसपी डॉ. जया राय ने बताया कि जिला पुलिस वर्ष 2017 से ही मिशन मोड पर काम कर रही है। अक्टूबर में साइबर अपराध पर नकेल को डीजीपी ने दुमका, हजारीबाग प्रमंडल के जिलों से जुड़े आइजी, डीआइजी, एसपी व डीएसपी रैंक के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। इसके बाद ऑपरेशन तेज किया गया। साइबर अपराधियों को दबोचने के साथ उनकी संपत्ति जब्त की जा रही है। साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस कई मोर्चे पर काम रही है। दो शातिर साइबर अपराधियों सीताराम मंडल व बबलू मंडल को न्यायालय से सजा दिलवाई जा चुकी है। डेढ़ दर्जन से अधिक कांड स्पीडी ट्रायल के लिए भेजे हैं। तीन अपराधियों की अचल संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव प्रवर्तन निदेशालय को भेजा है। साइबर कांडों में चार सौ आरोपितों को गिरफ्तार कर चुके हैं।



17 राज्यों की पुलिस ले गई 107 आरोपित
डॉ. रॉय ने बताया कि 17 राज्यों की पुलिस साइबर ठगी में शामिल अपराधियों की तलाश में यहां आ चुकी है। विभिन्न राज्यों की पुलिस 107 आरोपितों को यहां से कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ले गई है। कैंप पर कहा कि संगठित रूप से प्रशिक्षण शिविर की जानकारी नहीं मिली है। हां साइबर अपराधी अपने सगे-संबंधियों व दोस्तों को अपराध की सीख असंगठित रूप से देते हैं। महिलाएं भी साइबर अपराध से जुड़ी हैं। कई को जेल भेजा है। कई पुलिस के रडार पर हैं।

अपराध पर रोकथाम को साइबर थाना
जामताड़ा में साइबर अपराध की रोक को इसी जनवरी में बाकायदा साइबर थाना खोला गया है। अब तक यहां बीस कांड दर्ज हुए हैं। 53 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। तकरीबन दो लाख नकदी समेत कई मोबाइल, एटीएम कार्ड व पासबुक हुई हैं। साइबर डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर, दो सब इंस्पेक्टर यहां अलग से काम कर रहे हैं। आधा दर्जन फर्जी सिम विक्रेताओं पर कार्रवाई की गई है। अब तक 27.5 लाख नकदी जब्त की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है जिसके आधार पर दावा हो सके कि देश में सबसे ज्यादा साइबर अपराध जामताड़ा में होता है।

Posted By: Kamal Verma

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