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बेंगलुरु की खदान में चट्टान गिरने से सात मजदूरों की मौत

Published: Thu, 02 Jul 2026 10:28 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 02 Jul 2026 08:40 PM (GMT+05:30)

मजदूरों की मौत पर दुख जताते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि हम पूरे राज्य में पत्थर निकालने के काम के लिए नया दिशा-निर्देश जारी करेंगे।

बेंगलुरु में बड़ा हादसा

बेंगलुरु में बड़ा हादसा

HighLights

  1. बेंगलुरु की पत्थर खदान में चट्टान खिसकने से हादसा।

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। बेंगलुरु शहरी जिले की एक खदान में गुरुवार को ग्रेनाइट का एक विशाल चट्टान गिर जाने से सात प्रवासी मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य श्रमिक घायल हो गए। मरने वाले मजदूरों में पांच मध्य प्रदेश और एक छत्तीसगढ़ का रहने वाला था। एक अन्य मजदूर कर्नाटक के यादगीर का निवासी था। शुरुआत में पुलिस सूत्रों ने कहा था कि ज्यादातर पीड़ित बिहार के रहने वाले थे, लेकिन बाद में स्पष्ट किया कि वे मध्य प्रदेश के थे।


पीटीआई के अनुसार, सेंट्रल रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल एस. गिरीश ने बताया कि यहां दो क्रशर हैं–एक ऊपर और दूसरा नीचे। दोनों जगहों पर काम चल रहा था। वहां करीब 16 मजदूर काम कर रहे थे। ऊपर एक ड्रिलिंग मशीन लगी हुई थी। ऊपर से एक बहुत बड़ा चट्टान खिसककर नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर गया। सात मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

पांच घायल मजदूर खतरे से बाहर हैं। यह साफ है कि लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से सात लोगों की जान चली गई। खनन और भू-विज्ञान विभाग के अधिकारी रंगप्पा ने कहा कि मैंने खदान मालिक से बात की है, ताकि मृतक के स्वजन को 10 लाख रुपये और घायल लोगों को पांच लाख रुपये का मुआवजा मिल सके। वह इसके लिए सहमत हो गया है।

मजदूरों की मौत पर दुख जताते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि हम पूरे राज्य में पत्थर निकालने के काम के लिए नया दिशा-निर्देश जारी करेंगे। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि ऐसी घटना दोबारा न हो। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य में एक बड़ी लाबी काम कर रही है, जिसे मजदूरों की सुरक्षा से ज्यादा पैसे कमाने में दिलचस्पी है। सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।