बेंगलुरु में खाली प्लॉट में मिला महिला का 20 दिन पुराना शव, कपड़ों के टैग से खुला हत्या का राज; पति गिरफ्तार
बेंगलुरु के संपिगेहल्ली इलाके में एक खाली प्लॉट से 28 वर्षीय महिला का क्षत-विक्षत शव मिला है। पुलिस ने कपड़ों ...और पढ़ें

पत्नी का गला घोंट खाली प्लॉट में फेंका शव (फाइल फोटो- सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। बेंगलुरु के संपिगेहल्ली इलाके में नगर निगम की सफाई प्रक्रिया के दौरान एक खाली प्लॉट से 28 वर्षीय महिला का क्षत-विक्षत शव मिला है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मृतका के कपड़ों पर लगे शॉपिंग टैग के जरिए उसकी पहचान अनुसूया बेहरा के रूप में की।
पुलिस ने इस मामले में मृतक महिला के पति सागर रावत को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने घरेलू कलह के चलते 11 अगस्त को पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी और शव को तीन दिनों तक घर में रखा। फिर उसने शव को एक चादर में लपेटकर पलंग पर रखा और संपिगेहल्ली इलाके में एक खाली जगह पर फेंक दिया।
पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने बाद में कई दिनों तक घटनास्थल का दौरा किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या किसी ने शव को खोज लिया है।
कुत्तों ने नोचें थे शव
हत्या के लगभग 20 दिन बाद, 2 सितंबर को, जब खाली पड़ी जगह की सफाई की जा रही थी, तब जाकर शव का क्षय हुआ और वह बरामद हुआ। सफाई करते समय मजदूरों को महिला का शव मिला। बताया जाता है कि तब तक आवारा कुत्तों ने शव के कुछ हिस्से खा लिए थे।
कैसे हुई पहचान?
शव की हालत इतनी खराब थी कि महिला की पहचान करना मुश्किल हो गया। शव पर मिला एक टैग जांच में अहम साबित हुआ। पुलिस ने खरीदारी का पता एक मॉल से लगाया और उससे मिली जानकारी से उन्हें अनासुया की पहचान करने में मदद मिली।
जांचकर्ताओं को पता चला कि उसका पति अभी भी हमेशा की तरह होटल में काम पर आ रहा था। होटल में पूछताछ के दौरान, पुलिस को दोनों के बीच होने वाले लगातार झगड़ों के बारे में पता चला।
आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान उसने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कपड़े के दुकान में कार्य करती थी मृतिका
जानकारी के अनुसार, आरोपी पति सागर चंद्र रावत बिहार का रहने वाला है, इस जोड़े ने लंबे समय तक रिश्ते में रहने के बाद शादी कर ली थी और कुछ ही महीने पहले बेंगलुरु में रहने आए थे। रावत एक होटल में काम करते थे, जबकि अनुसूया एक कपड़े की दुकान में कार्यरत थीं।
