रायपुर, एएनआइ। अगर आपसे कहा जाए कि आजादी के 72 साल बाद भी किसी गांव में बिजली नहीं है तो इस बात से आप हैरान होना लाजिमी है, लेकिन इससे भी ज्यादा आपको तब हैरानी होगी जब आपको यह पता चले कि लोगों को बगैर बिजली कनेक्शन के बिल थमा दिया गया है। जी, हां कुछ ऐसा ही वाकया छत्तीसगढ़ के एक गांव में सामने आया है। राज्य के बलरामपुर जिले के सनावल गांव में विभाग, बिजली तो नहीं पहुंचा पाया, लेकिन गांववालों को बिजली का बिल पहुंचाकर उनके बदहाली से मजाक जरूर कर दिया।

लैंप के सहारे बच्चे पढ़ाई करते हैं

यहां के ग्रामीण लालटेन और दिया के सहारे ही जीवन यापन करने पर मजबूर हैं। यहां करीब 40 घर ऐसे है जो आज बगैर बिजली के रह रहे हैं। इसे लेकर एक ग्रामीण ने बताया कि गांव में बिजली नहीं है। लोग अंधेरे में खाना बनाते हैं, लैंप के सहारे बच्चे पढ़ाई करते हैं। लेकिन हमें बिजली का लंबा-चौड़ा बिल भेज दिया गया है। इसे लेकर नाराज लोगों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है।  

इस गांव की महिलाओं का कहना है कि उन्हें अभी तक बिजली का दर्शन नहीं हुआ है। इससे उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उन्हें रात में लालटेन और दिया के सहारे खाना बनाना पड़ता है। इससे यह साफ हो गया है कि प्रशासन ने इसे लेकर घोर लापरवाही बरती है।  

जिला कलेक्टर बोले- जांच कराएंगे

लोगों की जिंदगी अंधेरे में गुजर रही है, लेकिन प्रशासन को इसकी कोई खोजखबर नहीं है। बलरामपुर के जिला कलेक्टर, संजीव कुमार झा को तो इसके बारे में जानकारी भी नहीं थी। उनसे जब इसे लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा 'हमें इस बारे में मीडिया से पता चला, अगर ऐसा वास्तव में है तो इसकी जांच की जरूरत है। हम इसकी जांच कराएंगे। 

Posted By: Tanisk

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