कोलकाता [जाब्यू]। अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के 21 सालों बाद अब जाकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को छह दिसंबर की याद आई है। इस बार तृणमूल कांग्रेस ने छह दिसंबर को एकता दिवस मनाने की योजना बनाई है। विपक्षी दलों का आरोप है कि लोकसभा चुनाव नजदीक होने और मुस्लिम वोट बैंक के मद्देनजर ही ममता ने यह कदम उठाया है। हालांकि तृणमूल की ओर से इस बाबत अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

मेयो रोड स्थित गांधी प्रतिमा के निकट सभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री मुख्य वक्ता होंगी। इसे लेकर विपक्षी सवाल उठा रहे हैं कि पिछले साल छह दिसंबर को तृणमूल की ओर से क्यों नहीं सभा आयोजित की गई? यह भी कहा जा रहा है कि ममता इसके जरिये यह जताना चाहती हैं कि वह भाजपा का कभी साथ नहीं देंगी। 1998 में पार्टी गठित होने के बाद से लेकर पिछले साल तक ममता बनर्जी ने कभी भी इस दिन कोई सभा नहीं आयोजित की थी।

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