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नई दिल्‍ली, माला दीक्षित । Ayodhya Land Dispute Case: सुप्रीम कोर्ट में अयोध्‍या भूमि विवाद मामले में गुरुवार को दसवें दिन सुनवाई शुरू हो गई। वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने बहस शुरू की। गोपाल सिंह विशारद की ओर से मामले में पक्ष रखा जाएगा। बता दें कि विशारद की याचिका में कहा गया है कि रामलला की पूजा अर्चना का अबाधित अधिकार मिले। विशारद की ओर से 1950 में मुकदमा दाखिल किया गया था।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ अयोध्या भूमि विवाद पर सुनवाई कर रही है। बता दें कि बुधवार को हुई सुनवाई में रामलला विराजमान के वकील सीएस वैद्यनाथन (CS Vaidyanathan) ने कानून का हवाला देकर भगवान को नाबालिग बताया था और कहा था कि नाबालिग की संपत्ति नहीं छीनी जा सकती है और न कब्‍जे का दावा किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन सुनवाई करने का फैसला किया था। पांच दिन सुनवाई की बात पर मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने आपत्ति जताई थी, जिसे शीर्ष आदलत ने नकार दिया था। सनद रहे कि अयोध्या मामले में मध्यस्थता की कोशिश नाकाम होने पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान बेंच ने रोजाना सुनवाई का फैसला किया है। 

2010 में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ 14 अपीलें दाखिल की गईं थी। फैसले में कहा गया था कि अयोध्‍या के 2.77 एकड़ जमीन को तीन बराबर भागों में सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच बांट दिया जाए। 6 दिसंबर 1992 को अयोध्‍या में बाबरी मस्‍जिद को गिरा दिया गया था।

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Posted By: Monika Minal

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