माला दीक्षित, जेएनएन। अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद मामले में आज 16वें दिन सुनवाई शुरू हो गई है।

15वें दिन सुनवाई में क्या हुआ
इससे पहले बुधवार को सुनवाई में कहा गया कि अयोध्या राम जन्मभूमि पर बनाए गए विवादित ढांचे को इस्लामिक कानून में मस्जिद नहीं माना जा सकता क्योंकि मस्जिद न तो जबरदस्ती कब्जा की गई जगह पर बनाई जा सकती है और न ही मंदिर तोड़ कर बनाई सकती है। यह भी साबित नहीं हुआ कि बाबर ने इसे अल्लाह को समर्पित किया था।

ये दलीलें गुरुवार को अखिल भारत श्रीराम जन्मभूमि पुनुरोद्धार समिति की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दी गईं। यह भी कहा गया कि 1992 में ढहाया गया ढांचा मंदिर था जहां रामलला विराजमान स्थापित हैं, वह बाबरी मस्जिद नहीं थी।

समिति के वकील पीएन मिश्रा और रंजना अग्निहोत्री ने हाईकोर्ट में दी गई मुस्लिम विद्वानों की गवाही का हवाला देकर गुरुवार को यह साबित करने की कोशिश की कि विवादित ढांचा मस्जिद नहीं था। दिन भर चली दलीलों पर पीठ की ओर से भी कई सवाल पूछे गए। कोर्ट ने कहा कि 500 साल बाद कोर्ट के लिये यह तय करना थोड़ा मुश्किल होगा कि बाबर ने उसे अल्लाह को समर्पित किया था कि नहीं।

पीएन मिश्रा की बहस शुक्रवार को भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि राम जन्मस्थान के राजस्व रिकार्ड में छेड़छाड़ हुई है और गुरुवार को समय कम होने के कारण वह शुक्रवार को इस बारे मे कोर्ट में ब्योरा पेश करेगे।

Posted By: Shashank Pandey

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