यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sikkim Avalanche: सिक्किम में भीषण हिमस्खलन, सात पर्यटकों की मौत; 13 घायल, PM Modi ने जताया शोक
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जागरण संवाददाता, गंगटोक। सिक्किम की राजधानी गंगटोक से नाथुला जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 310 के जवाहर लाल नेहरू मार्ग (जेएनएम) पर मंगलवार सुबह 11 बजे भारी हिमस्खलन में दबकर सात पर्यटकों की मौत हो गई और 13 घायल हो गए हैं। घायलों को भारतीय सेना के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंगटोक के एसटीएनएम अस्पताल में भेजा गया है।
बचाव व राहत ऑपरेशन शुरू
हिमस्खलन के बाद भारतीय सेना के त्रिशक्ति कोर के जवान, बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) और सिक्किम पुलिस ने संयुक्त रुप से बचाव व राहत ऑपरेशन शुरू किया। बचाव व राहत ऑपरेशन के दौरान सेना के जवानों ने 27 पर्यटकों को बर्फ में से बचाया, इनमें से छह पर्यटकों को गहरी खाई से निकाला गया। शाम चार बजे तक सात शव निकाले गए थे। मृतकों में पांच पुरूष, एक महिला और एक बच्चा शामिल हैं।
वहीं, अभी भी कुछ पर्यटकों के लापता होने की आशंका है। आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से बचाव व राहत कार्य जारी है। बताया गया कि ज्यादातर पर्यटक भारत व नेपाल के हैं। जानकारी अनुसार, मंगलवार सुबह पर्यटकों से भरे पांच वाहन भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र तक जाने वाली जेएनएम सड़क के 15माइल परिसर होते हुए नाथुला जा रहे थे।
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पीएम मोदी ने जताया दुख
वहीं, सिक्किम में हुए हिमस्खलन की घटना पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शोक जताया है। पीएम मोदी ने कहा कि सिक्किम में हिमस्खलन की घटना से चिंतित हूं। उन्होंने कहा, ''उन लोगों के प्रति संवेदना, जिन्होंने अपनों को खोया है। मुझे उम्मीद है कि घायल जल्द ही ठीक हो जाएंगे। बचाव अभियान जारी है और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।''
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, 15 माइल परिसर में बीआरओ के जवान सड़क से बर्फ साफ कर रहे थे। इसी बीच पर्यटक पहाड़ में जमी बर्फ में खेलने और फोटो खिंचवाने लगे। सभी अलग-अलग जगह जाकर फोटो खिंचवा रहे थे। वहां तैनात सिक्किम पुलिस और बीआरओ के जवानों ने इन पर्यटकों को वहां खेलने कूदने और फोटो खिंचवाने से रोकने की कोशिश की। जवान इन सभी को वहां से जाने के लिए कह ही रहे थे कि इसी दौरान हिमस्खलन हो गया। जब तक ये सभी कुछ समझ पाते तब तक हादसा हो गया और ये पर्यटक उसकी चपेट में आ गए।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण पर्यटकों को माइलस्टोन 13 से आगे जाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन पर्यटकों ने टूर ऑपरेटरों और ड्राइवरों को उस क्षेत्र में ले जाने के लिए कहा, जहां घटना हुई थी।
एक घंटे पांच मिनट तक बर्फ में दबी रही महिला
घटना में एक महिला करीब एक घंटे पांच मिनट तक बर्फ के अंदर दबी रही। सेना के जवान महिला को जिंदा निकालने में सफल हुए। इसके अलावा इस क्षेत्र में बर्फ के कारण सड़क बंद होने के कारण 80 वाहन, जिसमें करीब 350 पर्यटक सवार थे, फंस गए। बचाव व राहत कार्य के दौरान सभी वाहनों व पर्यटकों को सकुशल गंगटोक भेजा गया है। पूर्वी सिक्किम में हिमस्खलन के कारण इतनी बड़ी संख्या में पहली बार इतने ज्यादा पर्यटकों की मौत हुई है।
इससे पहले इस क्षेत्र में पर्यटक सांस लेने में तकलीफ होने के कारण अपनी जान गंवा देते थे। कई बार वाहन दुर्घटना के कारण भी पर्यटकों की मौत हुई है।
मौसम विभाग ने जताई थी आशंका
राज्य में आगामी कुछ दिनों तक लगातार बारिश रहेगी। इसके साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात भी होगा। विज्ञान केंद्र से हिमपात और वर्षा को लेकर पूर्वानुमान भी जारी किया गया था। आगामी शुक्रवार से राज्य में बारिश कुछ कम होने की संभावना है। गंगटोके के मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी गोपीनाथ राहा ने कहा कि हिमपात का अगले दो दिनों तक होने की आशंका है। मौसम को देखते हुए सभी से एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
