नई दिल्ली, आइएएनएस: सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति गलत सूचना या दस्तावेजों के आधार पर नौकरी के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ उठाता है, तो उसकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। ईडब्ल्यूएस आरक्षण के मुद्दे पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए केंद्र ने कहा कि परिवार शब्द में माता-पिता शामिल होंगे, भले ही लाभार्थी माता-पिता से अलग हो।

इससे पहले कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे जो केंद्र सरकार में सिविल पदों और सेवाओं में सीधी भर्ती के संबंध में अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण योजना के अंतर्गत नहीं आते।

हालांकि, कुछ मुद्दों पर स्पष्टीकरण के लिए उसे विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और व्यक्तियों से कई संदर्भ प्राप्त हुए थे। केंद्रीय सूचना आयोग ने भी 27 अप्रैल को हुई सुनवाई में भविष्य में सूचना चाहने वालों की सहायता के लिए ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर सार्वजनिक तौर पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (एपएक्यू) पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसके बाद ही डीओपीटी ने विस्तृत एफएक्यू जारी किए।

Edited By: Amit Singh