सऊदी अरब पर हमलों पर भारत का कड़ा रुख: विदेश मंत्रालय ने कहा- 'यह पूरी तरह अस्वीकार्य, तुरंत रुकें हमले'
भारत ने बुधवार को सऊदी अरब में असैन्य बुनियादी ढांचों पर लगातार हो रहे हमलों की निंदा करते हुए कहा ...और पढ़ें

सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य, तुरंत बंद हों : भारत
HighLights
हवाई अड्डे पर मारे गए भारतीय का वहीं किया गया अंतिम संस्कार : विदेश मंत्रालय
हमले में घायल तीन लोगों को मिली छुट्टी, भर्ती आठ लोगों में से चार आइसीयू में
पीटीआई, नई दिल्ली। भारत ने बुधवार को सऊदी अरब में असैन्य बुनियादी ढांचों पर लगातार हो रहे हमलों की निंदा करते हुए कहा कि ये पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और तुरंत बंद होने चाहिए।
साथ ही कहा कि विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों के कल्याण व कुशलक्षेम के लिए हरसंभव प्रयास करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर बुधवार को यूएई की तीन दिवसीय यात्रा कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेसवार्ता में कहा कि 11 अक्टूबर को रियाद हवाई अड्डे पर हमले में घायल होने के एक दिन बाद जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक का अंतिम संस्कार उसके परिवार की इच्छा के अनुसार सऊदी अरब की राजधानी में किया गया। इसमें वहां स्थित भारतीय दूतावास ने सहायता की।
पिछले शनिवार को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हूतियों के हमले में 12 लोगों की जान गई और 11 भारतीय घायल हुए थे।
जायसवाल ने कहा, घायलों में से तीन को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि आठ अब भी अस्पताल में हैं। इनमें से चार आइसीयू में हैं। उन्होंने बताया कि हमलों के कारण उड़ानों में बाधा का असर भारतीय विमानन कंपनियों पर भी पड़ा है, हालांकि अब सऊदी एयरलाइंस की कई उड़ानें संचालित हो रही हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई के बीच सोमवार को हुई फोन वार्ता में भारतीय नाविकों और टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा उठा। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय स्थिति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी चर्चा की थी।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की आगामी भारत यात्रा के दौरान एच-1बी मुद्दे और अमेरिकी उपराष्ट्रपति की हालिया टिप्पणियों को उठाए जाने के सवाल पर जायसवाल ने केवल इतना कहा कि द्विपक्षीय प्रकृति के कई मुद्दों पर चर्चा होगी।
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद की ओर से हाल की सांप्रदायिक घटनाओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाने के बारे में जायसवाल ने कहा, हमारी अपेक्षा है कि बांग्लादेश ऐसे मुद्दों पर ध्यान देगा।
जिनेवा स्थित मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की ओर से हाल में दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर की गई टिप्पणी के बारे में जायसवाल ने इसे अनुचित व अस्वीकार्य करार दिया और कहा कि यह भारत के आंतरिक मामलों में दखल के समान है।
अमेरिका के रूस से डीजल खरीदने की घोषणा के बारे में सवाल पर जायसवाल ने कहा, जहां तक डीजल सौदे की बात है, हम दो देशों के बीच हुए वाणिज्यिक समझौतों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, सिवाय इसके कि हमने हमेशा वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता की वकालत की है।
साथ ही, उन्होंने बताया कि भारत ने रूस के साथ व्यापारिक संबंधों को निशाना बनाने वाले अमेरिकी कानूनी उपायों, खासकर सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट (एसआरआइए) को लेकर अपनी आपत्तियां सीधे तौर पर दर्ज कराई हैं।
