यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
स्वतंत्रता के समय राम मंदिर हिंदू-मुसलमानों के बीच विवाद का मुद्दा नहीं था: राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 500 साल के इंतजार के बाद राम मंदिर का ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आजादी के आंदोलन के समय राम मंदिर हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विवाद का मुद्दा नहीं था और हर समुदाय ने किसी न किसी तरह से 'राम जन्मभूमि आंदोलन' का समर्थन किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ गुरुवार को यहां एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 500 साल के इंतजार के बाद राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। अयोध्या में बन रहा नया राम मंदिर भारतीय संस्कृति की ''पुनर्स्थापना'' का प्रतीक है। राम के बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती। अयोध्या नए भारत का प्रतीक बनेगी जो देश को एक बार फिर दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता देगी।
राजनाथ ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय 12 मुसलमानों ने हलफनामा देकर राम मंदिर का समर्थन किया था। राम मंदिर से संबंधित पहली एफआइआर सिखों के एक समूह के खिलाफ दर्ज की गई थी। प्रत्येक समुदाय ने किसी न किसी तरह से राम जन्मभूमि आंदोलन का समर्थन किया है।
