नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। राजस्‍थान और तेलंगाना समेत सभी पांच राज्‍यों में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम आज सभी के सामने आ जाएंगे। इसके साथ ही यह तय हो जाएगा कि इन राज्‍यों में किसकी सरकार बनेगी। बहरहाल, राजस्‍थान और तेलंगाना की बात करें तो यहां की सत्‍ताधारी पार्टियों ने अपनी-अपनी जीत के दावे किए हैं। तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष और राज्‍य के मुख्‍यमंत्री चंद्रशेखर राव का कहना है कि उनका कहना है कि तेलंगाना के मतदाताओं का मूड उनकी पार्टी के प्रति बेहद सकारात्मक रहा है। आपको बता दें कि तेलंगाना राष्ट्र समिति राज्य में अकेले चुनाव लड़ रही है। राजस्‍थान की 200 में से 199 सीटों पर 74 02 फीसद मतदान हुआ था जबकि तेलंगाना में 119 सीटों पर करीब 67 फीसद मतदान हुआ था।

यहां पर आपको बता दें कि इन राजस्‍थान और तेलंगाना में 7 नवंबर को मतदान हुआ था। यहां पर एक बात और बतानी जरूरी होगी कि राजस्‍थान में हर विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन का ट्रेंड रहा है। ताजा एग्जिट पोल भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं। राजस्थान विधानसभा चुनाव में मतदान भले ही पिछली बार से करीब एक फीसदी कम रहा हो, लेकिन राज्य के कुछ इलाकों में वोटिंग का रिकॉर्ड बना। जैसलमेर जिले के पोखरण में रिकॉर्ड 87.03 फीसदी मतदान हुआ। वहीं पाली के सुमेरपुर में सबसे कम 59.97 फीसदी मतदान हुआ। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में भी बेहतर मतदान हुआ। विश्लेषकों के मुताबिक, राज्य की 200 सीटों में भाजपा और कांग्रेस के बीच 130 सीटों पर सीधी लड़ाई है, जबकि बाकी 69 सीटों पर त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय मुकाबला है। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 163 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस 21 पर सिमट गई थी।

एग्जिट पोल की मानें तो राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने के स्पष्ट संकेत हैं। इसमें भाजपा की सीटों और मत प्रतिशत में गिरावट का भी इशारा कर रहे हैं। उधर ,तेलंगाना में टीआरएस की वापसी संभव है तो मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) सरकार बना सकती है। राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा के वोट प्रतिशत में ज्यादा अंतर नहीं है, लेकिन 70-90 सीटों का फर्क होते दिख रहा है। यहां कांग्रेस को 41.5 % वोट मिलने का अनुमान है तो भाजपा को 40 फीसदी वोट मिल सकते हैं।

तेलंगाना के गठन के बाद से इस बार वहां दूसरी बार विधानसभा चुनाव हुए हैं। एग्जिट पोल में वहां सत्तारूढ़ टीआरएस को लाभ मिलता दिख रहा है और उसके सत्ता में बरकरार रहने की संभावना है। जबकि चुनाव के एक माह पूर्व कांग्रेस की अगुवाई में बना महागठबंधन प्रजा कुटुमी सत्ता में बदलाव लाता नहीं दिख रहा। वहीं मिजोरम में सत्ता में बदलाव दिख रहा है, जो कांग्रेस के लिए झटका है। एग्जिट पोल के मुताबिक, एमएनएफ यहां बहुमत के करीब दिख रहा है। अगर ऐेसा होता है तो पहला मौका होगा जबकि पूर्वोत्तर राज्यों से कांग्रेस पूरी तरह बाहर होगी।

पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान इन तीन में से दो राज्‍यों पर एग्जिट पोल काफी सटीक साबित हुआ था। राजस्‍थान और तेलंगाना में एग्जिट पोल जहां सही साबित हुआ था वहीं मिजोरम में इसको धता बताते हुए कांग्रेस सत्ता में पहुंचने में कामयाब रही थी। पिछली बारत राजस्‍थान में भाजपा को 163, कांग्रेस को 21 और अन्‍य को 16 सीटें हासिल हुई थीं। वहीं तेलंगान में टीआरएस को 63, कांग्रेस को 21, टीडीपी को 15 और अन्‍य को 20 सीटें मिली थीं। इसके अलावा मिजोरम में कांग्रेस को 34, एमएनएफ को 5 और अन्‍य को महज एक सीट हासिल हुई थी।

Posted By: Kamal Verma

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