गुवाहाटी। भय और असुरक्षा के चलते देश के अन्य भागों से उत्तर-पूर्व के राज्यों में वापस लौटे मूलवासियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए असम पुलिस हर संभव प्रयास करेगी। असम के पुलिस महानिदेशक जयंत नारायण चौधरी ने कहा है कि अफवाहों के चलते देश के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में लोग अपने काम-धंधों को छोड़कर वापस लौटे हैं, उन्हें वापस भेजना सभी के हित में है।

डीजीपी के अनुसार निचले असम के हिंसा प्रभावित इलाकों में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। उनके मुताबिक राहत शिविरों में रह रहे लोगों की घर वापसी शुरू हो गई है। हिंसा से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय दल ने राहत शिविरों का दौरा करके स्थितियों पर संतोष जताया।

असम में मंगलवार को भी किसी नई हिंसक घटना की सूचना नहीं मिली। 78 जिंदगी लील चुकी साप्रदायिक हिंसा की आच अब धीरे-धीरे ठंडी पड़ रही है। डीजीपी चौधरी ने कहा कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है, इसे तेज कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन शिविरों में अभी भी तीन लाख से ज्यादा लोग रह रहे हैं। असम पहुंचे सात सदस्यीय केंद्रीय दल ने मंगलवार को कोकराझाड़, चिराग और धुबड़ी का दौरा किया। दल के सदस्य इन जिलों में बनाए गए 81 राहत शिविरों में भी हालात का जायजा लेने गए और उन्होंने हिंसा प्रभावित लोगों से बात की। इस दल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव शभू सिंह कर रहे हैं। अभी यह जारी रहेगा।

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