बारपेटा, एएनआइ। असम में बाढ़ से हालत गंभीर बनी हुई है। बाढ़ की स्थिति बिगड़ती जा रही है। राज्य में बाढ़ से लगभग 31.54 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 26 जिलें बाढ़ के पानी से जलमग्न हैं। कई नदियां उफान पर है जिससे बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है। बारपेटा जिले में लगभग 5.50 लाख लोग और 487 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जिले की कुल 26684.50 हेक्टेयर फसल भूमि इस समय बाढ़ के पानी में है। भीषण बाढ़ से जिले के हजारों किसानों को भारी नुकसान हुआ है।

हर घर बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब गया

बारपेटा जिले के कालजाही इलाके के स्थानीय निवासी जाहिदुल इस्लाम ने कहा कि यह बहुत बड़ी बाढ़ है और उन्होंने अपने जीवन में ऐसा पहले कभी नहीं देखा। इस्लाम ने कहा, 'हमारे इलाके का हर घर बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब गया है। ऐसी कोई जगह नहीं थी जहां ग्रामीण शरण ले सकें, हर क्षेत्र में बाढ़ आ गई। कई लोग अस्थायी शेड बनाकर सड़कों पर शरण ले रहे हैं। हम बड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।'

किसानों ने बाढ़ में अपना सब कुछ खोया

कालजाही क्षेत्र के एक किसान इलीम खान ने कहा कि क्षेत्र के कई किसानों ने बाढ़ में अपना सब कुछ खो दिया। खान ने कहा, 'अब हम अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं कि हम क्या खाएंगे। बाढ़ ने हमारी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। कई ग्रामीण दिहाड़ी मजदूर हैं। बाढ़ के कारण ग्रामीणों को और अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।'

अधिकारियों को सूचित किया कि मंगलवार को, भारतीय वायु सेना (IAF) ने पिछले छह दिनों में कुल 517 टन राहत सामग्री को एयरलिफ्ट किया। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, राज्य के 26 जिलों में 2675 गांव और 91349 हेक्टेयर फसल भूमि अभी भी बाढ़ के पानी में है।

विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने इस साल अब तक राज्य में 151 लोगों की जान ले ली है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने शनिवार को बताया कि असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन राज्य में प्राकृतिक आपदा के कारण 28 जिलों में 33.03 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। एएसडीएमए के मुताबिक, इस साल राज्य में बाढ़ और भूस्खलन में अब तक कुल 117 लोगों की जान जा चुकी है। जिनमें से अकेले बाढ़ में 100 लोगों की मौत हो गई, जबकि शेष 17 की मौत भूस्खलन के कारण हुई।

Edited By: Babli Kumari