गुवाहाटी, एजेंसी। पूर्वोत्तर के दो राज्यों असम और मिजोरम के पुलिस बलों के बीच हिंसक झड़प के कुछ दिनों बाद असम के कछार जिला प्रशासन ने मंगलवार को मिजोरम से सटे सोनाई राजस्व क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्र को ड्रोन के लिए उड़ान-रहित क्षेत्र घोषित कर दिया।

ड्रोन हमलों के कारण उत्पन्न सुरक्षा खतरों के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्र उड़ान-रहित क्षेत्र घोषित

जिलाधिकारी कीर्ति जल्ली द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार विभिन्न उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों द्वारा हाल ही में किए गए ड्रोन हमलों के कारण उत्पन्न सुरक्षा खतरों के मद्देनजर यह व्यवस्था की गई है।

अंतरराज्यीय सीमा के दूसरी ओर कोलासिब जिले से ड्रोन ने उड़ान भरी थी

सीआरपीसी की धारा 144 के तहत जारी आदेश में यह उल्लेख नहीं है कि ड्रोन हमले कब हुए थे, लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने दावा किया कि हाल ही में अंतरराज्यीय सीमा के दूसरी ओर कोलासिब जिले से ड्रोन ने उड़ान भरी थी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है।

मिजोरम के कोलासिब जिले ने सीमा क्षेत्र को पहले ही कर दिया था उड़ान मुक्त

मिजोरम के कोलासिब जिले के अधिकारियों ने भी 30 जुलाई को अंतरराज्यीय सीमा को उड़ान-रहित क्षेत्र घोषित किया। उल्लेखनीय है गत 26 जुलाई को विवादित सीमा क्षेत्र पर दोनों राज्यों के पुलिस बलों के बीच हुई झड़प में असम के छह पुलिस कर्मियों और एक नागरिक की मौत हुई थी और 50 से अधिक लोग घायल हो गए, जिसके बाद केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा।

सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन और यूएवी को उड़ाना सख्त वर्जित

कछार के जिलाधिकारी के आदेश में कहा गया है कि सोनाई राजस्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन और किसी भी अन्य हवाई वाहन (यूएवी) को उड़ाना सख्त वर्जित होगा।

असम-मिजोरम सीमा पर स्थिति शांतिपूर्ण

अधिकारियों ने बताया कि इस बीच असम-मिजोरम सीमा पर स्थिति शांतिपूर्ण रही और केंद्रीय बलों ने सीमा पर गश्त की जबकि पुलिस बल अपने-अपने राज्यों की सीमाओं के अंदर रहे।

Edited By: Bhupendra Singh